जीवनदान – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

जीवन में गरीबी के कारण बहुत संघर्ष झेले उसने पर कठिन परिस्थितियों से निजात पा ही लिया । एक सप्ताह बाद शादी को पाँच साल होने वाले थे । पर घर में कोई उत्साह ही नहीं था । उसका नाम था मनोरमा ।  जहाँ जिस कोने में जाती हर किसी के दिल में एक अमिट … Read more

विष उगलना – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

रचना बहुत ही अमीर घर की बेटी थी । शादी भी बहुत अमीर घर में हो गई ।फिर क्या था ,छोटे  लोग,यानी गरीब लोगों को कुछ समझती ही नहीं थी।  अपने घर काम करने वाली कमली को हमेशा बुरा भला बोलती रहती थी । एक दिन कमली का पति बहुत बीमार था ।कमली ने बोला … Read more

तेरे किया का कहीं मुझे ना भुगतना पड़े – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ बस कर नंदा… कितना विष उगलना बाकी रह गया है?” अचानक से ये आवाज सुनकर नंदा दरवाज़े की तरफ देखने लगी  सामने उसकी माँ जानकी जी खड़ी थी । नंदा के चेहरे की हवाइयाँ उड़ गईं… माँ अचानक यहाँ कैसे आ गईं… कहीं सासु माँ ने तो नहीं बुलाया है तभी पीछे से आवाज़ … Read more

बचुआ! इक छोटा-सा ‘मुबैल’ हमें भी दिला दो.. – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

 आज शनिवार है। पूरे एक हफ्ते बाद दादी पहले वाली दादी बन गई हैं। इतनी कड़कती ठंड में भी , पापा के मना करने के बावजूद, उन्होंने सुबह-सुबह अपना बिस्तर छोड़ दिया और नहा-धोकर, हाथ में माला लेकर वे पुनः अपने बिस्तर में विराजमान हो गईं और अपनी चिर-परिचित ऊंची आवाज में बहू को इतनी … Read more

कन्या भोज – प्रवीण सिन्हा : Moral Stories in Hindi

आशीष की पत्नी सुरेखा बड़ी धार्मिक स्वभाव की हैं साल के दोनो नवरात्रि के साथ एकादशी का व्रत हर महीने रखती हैं । एकादशी में पंडित जी को दान करना नहीं भूलती हैं । दोनो उच्च शिक्षित हैं और दोनो ही मल्टीनेशनल कम्पनी में सर्विस करती हैं । अच्छा खासा वेतन हैं यही कोई 22 … Read more

आत्मसम्मान – प्रवीण सिन्हा : Moral Stories in Hindi

बशीर मिया 65 के हो चले हैं पर काम करना नहीं छोड़ा सरकारी नौकरी थी 58 मे पटवारी के पद से रिटायर्ड हो गये  थे । पर उनका मानना था कि जब तक उपर वाले कि बुलावा न आ जाये तब तक आदमी को हाथ पैर हिलाते रहना चाहिए पैसे की दरकार न हो त … Read more

औलाद – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

       ओह, तो आपको पैसा चाहिये,तो पैसा ही मांगते,फिर ये किसी कार्यक्रम के अध्यक्ष बनाये जाने के एवज में रुपये की मांग क्यों?देखिये मुझे आपके किसी सम्मान की जरूरत नही है।मेरे पास जब तक दौलत है तब तक मेरा सम्मान स्वयं ही सुरक्षित है।       नही-नही, सर ये बात नही है।वह तो सामान्य ऐसा होता ही है … Read more

दामिनी – शालिनी श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

अरे दामिनी…. यह क्या… तुम घर के कपड़े ही पहन कर कीर्तन में आ गई???? तुम्हें पता है ना, शादी वाला घर है… कितनी चहल-पहल है… सब लोग कितने महंगे महंगे कपड़े पहन कर घूम रहे हैं ….और तुम साधारण कपड़े पहन कर यहां आ गई…. शांति काकी ने सभी के बीच दामिनी को यह … Read more

चाय पर आफ़त – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“माँ तुम मुझे माफ़ कर पाओगी?” ये बात जब तब जयंत के मन में ज़रूर आता रहता  पर ज़ुबान पर लाने की उसकी हिम्मत नहीं होती थी… और अब वो किस मुँह से किससे जाकर ये कहें ये भी वो समझ नहीं पाता था  चलचित्र की तरह आज भी उसे दो साल पहले का सारा … Read more

पैसे का गरूर – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

बो तुमसे नही हमारी दौलत से प्यार करता है उसकी औकात हमारे घर का नौकर बनने की नही और तू उसे मेरा दामाद बनाना चाहती हो? वो एक मामूली सा केशियर जो पूरा दिन लोगों के नोट गिन गिनकर बैंक की तिजोरी में डालता है शाम को पांच सौ रुपये कम हो जाएं तो पूरी … Read more

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