वैलेंटाइन डे – शालिनी दीक्षित : Moral Stories in Hindi

हाथ में पकड़े, सिद्धार्थ के अंतिम पत्र को देखते हुए सरिता की नजरें अपने क्वार्टर के लॉन में खिले गुलाब के फूलों पर स्थिर हो गई । “मैम हम एक गुलाब तोड़ना चाहते हैं। ” किसी लड़की की आवाज सुनकर वह पीछे मुड़ी। लड़कियों का पूरा एक समूह था शायद अपनी हॉस्टल वार्डन से कुछ … Read more

विष उगलना – मुकुन्द लाल : Moral Stories in Hindi

  प्लेटफार्म पर ट्रेन के रुकते ही दुर्लभ अपनी प्रेमिका पर्णिका के साथ एक अटैची और बैग लिये हुए डिब्बे की ओर बढ़ने लगा कुछ कदम आगे बढ़ा ही था कि अचानक उसकी पत्नी तृप्ति आ धमकी उसने उसका रास्ता छेंकते हुए आक्रोश में कहा, “कहांँ भागे जा रहे हो हमको  छोड़कर मैं तुम्हारी गर्लफ्रेंड नहीं … Read more

प्यार कभी पुराना नहीं होता – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

    पिछले कुछ दिनों से सीमा बहुत व्यस्त थी।पहले ननद की बेटी की शादी..फिर सूरत से बेटी-नातिन आ गई।एक महीना कैसे बीत गया, उसे पता ही नहीं चला।पति जब तक थें, तब तक तो वो सोशल मीडिया का स भी नहीं जानती थी।उसकी सहेलियाँ फेसबुक पर आने को कहती तो हँसकर कहती,” मेरा फेसबुक तो मेरे … Read more

एहसास – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

आज 14 फरवरी ….. सुबह सुबह की आपाधापी के बीच जैसे ही अरुणिमा  करी पत्ता (मीठा नीम) लेने बगीचे में पहुंची…..      ओह , तीन-चार दिनों से क्यारी में पानी ही नहीं डाला है…. पूरे गुलाब के पौधे सूखने की कगार पर है…. पूरी जिम्मेदारी घर की , रसोई की ,पेड़ पौधों की ….मेरी ही तो … Read more

पैसे का गुरुर – सुनीता मुखर्जी श्रुति : Moral Stories in Hindi

भाभी यह देखो! कांचीपुरम साड़ी….पन्द्रह हजार की ली है। दूसरी साड़ी दिखाते हुए .. यह वाली साड़ी दस हजार की है। इस तरह अपनी साड़ियों की नुमाइश करते हुए दीप्ति अपने मायके में मां और भाभी को अपनी साड़ियां दिखा रही थी। भाभी हाथ लगा कर देखो, इतनी महंगी साड़ियां तुमने कभी देखी नहीं होंगी। … Read more

रिश्तों का मान : Moral Stories in Hindi

   आज सुबह सुबह सुधा अपने छोटे बेटे अजय की पत्नी सुनीता को ताना देने लगी कि मैंने बड़े अरमान से अपने बेटे अजय की शादी तुमसे की परंतु तुम्हारे पिता ने हमारी हैसियत के अनुसार दहेज नहीं दिया। न जाने सुनीता को इस बात पर क्रोध आ गया और अपनी सास से कह दिया कि … Read more

निशा – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

 आज बहुत लंबे अंतराल के बाद निशा अपनी छोटी बहन नंदिनी के घर आई थी हालांकि उनके घर के बीच में केवल 1 घंटे का रास्ता था। न जाने कब से नंदिनी उसे अपने यहां बुला रही थी “दीदी आ जाओ परिवार सहित, आप हमेशा अपने घर बुलाती रहती हो, आप भी तो कभी हमारे … Read more

अधूरी कहानी – अनिता मंदिलवार सपना : Moral Stories in Hindi

एक बड़ा सा महल जैसा घर । रहन सहन उच्च कोटि का । घर में बीसों नौकर चाकर । बेटा, बेटी, बहू और दामाद । सब हैं । घर पर कुछ शोर सुनाई देता है । यहाँ क्या शोर हो रहा है भई ! मिस्टर शर्मा घर के अंदर दाखिल होते ही कहते हैं । … Read more

संस्कार – सिम्मी नाथ : Moral Stories in Hindi

मोबाइल की घंटी  बजते ही रसोई घर  से निकलते हुए   मधुमिता जी ने काव्या को आवाज लगाई ,जरा देखो किसका फोन है ?  ये लड़की भी हमेशा कानों में ईयर फोन लगाए रहती है, सुनती ही नहीं ।  फोन पर राज था ,   उसकी आवाज़ सुनकर  मां की आवाज़ बदल गई , उसने … Read more

नेचुरल हैं – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

जब से मेरे काले-घने, नागिन-से लहराते बाल सफ़ेद होने लगे, मेरी सहेलियाँ और हितैषियों ने अपने सलाह- मशवरों का पुलिंदा ही खोल दिया था। कोई कहता मेंहदी लगा तो कोई हेयर डाई का नाम बताता।कोई लोहे का तवा देने को तैयार हो जाता तो कोई आँवला-त्रिफला की विशेषता गिनाने लगता। एक ने तो यहाँ तक … Read more

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