पैसे का गुरुर – नीलम शर्मा  : Moral Stories in Hindi

तनु देख ना मैंने ये सूट लिया है। कैसा लग रहा है। तनु ने मनु को फोटो भेजी तो उधर से मनु का फोन ही आ गया। क्या दीदी अब तो जीजा जी कुछ ठीक से कमाने लगे होंगे। देखने में ही बिल्कुल सस्ता लग रहा है। ऊपर से काला रंग। हंसते हुए बोली…..कैसा लगेगा … Read more

स्टेटस-मनीषा सिंह  : Moral Stories in Hindi

“कितनी बार बोला है••• कि••• कमबख्त मेरे कपड़ों को हाथ मत लगाना•• परंतु भेजे में अटता ही नहीं•••! चिल्लाते हुए समीर गंगा से बोला।  गंगा डरी-सहमी एक कोने में दुबक के बैठ गई । जोर की आवाज सुन सासू मां सविता जी और ससुर बंसी लाल जी पहुंचे।  क्यों सुबह-सुबह बहू पर चिल्ला रहा है … Read more

रिश्ते प्यार से बनते हैं – विभा गुप्ता  : Moral Stories in Hindi

   ” देवरानी जी..ऐसी साड़ियाँ तो मेरे मायके की नौकरानियाँ भी न पहने..कितना भद्दा रंग है..और मिठाई तो देखो..हा-हा.. देखकर ही उल्टी आ रही है..है ना जीजी..।”      ” हाँ..मधु..मैं भी तो यही कह रही हूँ..।” कहकर दोनों हँसने लगीं।           सेठ श्यामलाल शहर के जाने-माने ‘आयरन’ व्यापारी थे।पत्नी कमला सुघड़ गृहिणी थी।उनके महेश, सुरेश और निलेश नाम … Read more

“पैसा नहीं संस्कार बोलते हैं” – हेमलता गुप्ता  : Moral Stories in Hindi

देखिए शर्मा जी… आप यह सगाई नहीं तोड़ सकते आप एक बार सोच कर देखिए मेरी बेटी का क्या होगा.. मेरी इज्जत पूरे समाज में मिट्टी में मिल जाएगी मैं इतने बड़े-बड़े लोगों को इस सगाई में लेकर आया हूं उनके सामने मेरी नाक कट जाएगी, आपको पैसे चाहिए ना… बोलिए कितने दूं… 5 लाख … Read more

आशंका – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

मानसी , कल विदाई के समय पता नहीं …जी भरके गले लगा पाऊँ या नहीं; अपना ध्यान रखना बहन । अब तो न जाने कब मिलना होगा? देवेश ने अपनी छोटी बहन मानसी के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद देते हुए कहा । पर क्यों मिलना नहीं होगा  भैया ? आप दीदी के पास भी … Read more

आत्मग्लानि – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

—————————- बेटा इतने जतनो से पाला पोसा और इस कल की आई के लिए तू हम सब को छोड़कर जा रहा है?     जतिन ने पीछे मुड़कर अपनी मां की तरफ देखा, भाभी भी भतीजे को गोद में उठा निर्विकार रूप से जतिन की ओर देख रही थी और पिताजी को पूरी उम्मीद थी की हमेशा … Read more

मोह – खुशी : Moral Stories in Hindi

राधा एक बहुत ही सुलझी हुई महिला थी अपने काम से मतलब रखनेवाली।उनके दो बेटे थे रवि और सुनील उनमें उनकी जान बस्ती थी। बस वो उनके बच्चे और पति अनोखेलाल जी ।वो अपने नाम की तरह ही अनोखे थे।सिर्फ घर से परचून की पुश्तैनी दुकान तक जाना । नाक की सीध में ना जग … Read more

यह आजकल के बच्चे (भाग-19) – मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

अब आगे … सामने कुर्सी पर  नेहा अपने पापा के पास बैठी हुई है… तभी रोहन वहां पहुंचता है… हेलो … गुड मॉर्निंग नेहा… good मॉर्निंग…. रोहन सुबह-सुबह तुम यहां ..?? ऑफिस नहीं गए..?? अभी तो हीं,,बस एक घंटे बाद निकलूंगा मैं … फोन कर दिया है सर को … ऑफिस की बातें छोड़ो… ये … Read more

यह आजकल के बच्चे (भाग-18) – मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

अब आगे .. चिंकी अपने हाथों  से रोहन को खाना खिला रही थी.. उसकी आंखों में आंसू आ गए थे… तभी पीछे से सिगरेट पी रहे  दो लड़कों ने चिंकी पर  भद्दे  कमेंट किये … चिंकी ने अपना चेहरा दूसरी तरफ कर  लिया… क्या हुआ चिंकी…?? मेरे होते हुए  तुम डर रही हो…. यह मुझे … Read more

यह आजकल के बच्चे (भाग-17) – मीनाक्षी सिंह : Moral stories in hindi

आप आगे… रोहन के यह पूछने पर कि  चिंकी तुम मुझसे कितना प्यार करती हो …?? इस सवाल  पर चिंकी का जवाब था… रोहन जी क्या  आप मेरे प्यार को परखना चाहते हैं…?? हां .. यही समझ लो तुम … तो फिर ठीक है… बताइए मैं क्या करूं आपके लिए ,,जिससे आपको विश्वास हो जाए … Read more

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