पैसे का गुरूर – गीता यादवेन्दु : Moral Stories in Hindi

“हमारी बेटी बहुत बड़े घर में ब्याही है । बहुत अमीर हैं वो लोग ।दसियों नौकर-चाकर लगे रहते हैं ।” रुक्मणी अपनी पड़ोसन रजनी को बता रही थी । “अच्छा……जब आए अबकी बार कविता तो मुझसे भी मिलवाना । बहुत गुणी होगी तभी तो बड़े घर में पहुँची है ।” रजनी ने कहा । रजनी … Read more

कैसी किस्मत पाई है? – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi

मम्मी जी! आपकी रिपोर्ट आ गई है, उनका फोन आया था अभी, वह शाम को घर लौटते वक्त ले आएंगे, पलक ने अपनी सास नर्मदा जी से कहा नर्मदा जी:  तो क्या है उस रिपोर्ट में?  पलक:  अभी ज्यादा कुछ तो बताया नहीं, पर आपका ऑपरेशन जल्द से जल्द करवाना पड़ेगा, बाकी का आकर बताएंगे, … Read more

मजबूरी – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

आजकल मिसिज गुप्ता के घर में खूब रौनक लगी है। अमेरिका से उनके बेटा- बहू और बेटी- दामाद बच्चों संग छुट्टियां मनाने उनके पास आए हुए हैं। सन्नाटा लीलकर उनका घर बोलने लगा है। चारों ओर चहल-पहल मची हुई है।   समय को जैसे पंख लग गए हैं। कभी खरीददारी, कभी पिक्चर, कभी पिकनिक, कभी परिजनों … Read more

सासू मां इतना पैसे का गुरूर भी ठीक नहीं है। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

रितु, ‘ये क्या लाई है अपने मायके से ? तेरी मां कभी कुछ ढंग का देती ही नहीं है।  पुराने बक्से में से साड़ी निकालकर दे दी।  ऐसी साड़ी तेरी मां ही पहनती होगी, मेरे यहां तो कोई नहीं पहनेगा… तुझे क्या अपने ससुराल के स्टेटस का जरा भी ख्याल नहीं है ? जो तू … Read more

तृप्ति – अनु नेवटिया : Moral Stories in Hindi

___ निर्मला जी आज घर पर अकेली थीं, बेटा, बहु और पोता- पोती सब बाहर खाने गए थे। जाना तो उन्हें भी था, पर उनकी तबियत कुछ ठीक नहीं थी, और आज कई महीनों के बाद ये प्लान बना था तो जाना कैंसिल करके वो बच्चों को उदास नहीं करना चाहती थी, इसलिए उन्होंने सबको … Read more

एक जैसा दर्द – अपर्णा गर्ग : Moral Stories in Hindi

क्या हुआ …आज सुबह-सुबह इतना मधुर संगीत क्यों चला दिया? अभी तो आठ भी नहीं बजे… सुधीर का इतना ही कहना था कि रसोई में बरतनों की आवाज और तेज हो गई। हो गई सुबह काली… सुबह नहीं पापा, आज का पूरा दिन ही काला हो गया है। आज मम्मी की मीटिंग है, उन्हें आठ … Read more

दादी मां – विनय मोहन शर्मा : Moral Stories in Hindi

  राहुल के पिता कांति प्रसाद एक छोटे से कस्बे में अध्यापक थे। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती राजेश्वरी देवी भी अपने पति के साथ ही रहती थी। राहुल गांव में अपनी दादी मां के साथ ही रहता था, वह अपनी दादी मां का बहुत लाड़ला था। राहुल के पिता कांति प्रसाद छुट्टियों में घर पर आते तो … Read more

इतने जतनो से तुम्हे पाला पोसा और कल की आई छोकरी के लिए तुम हमको छोड़ कर जा रहे हो? – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

मम्मी अभी तक सोई नहीं? अनु ने पूछा राधिका तकिए को पलंग के सिरहाने लगा बैठ गई और बोली ” नहीं अभी का नींद आखों में घुलती है,? दिनभर तो छोटे मोटे काम ही तो करती हु थकान नहीं होती तो नींद भी अकड़ दिखाती है। अनु मुस्कुराकर पास ही बैठ गया और मम्मी के … Read more

मन के तार वर्सेस साइंस – चांदनी~ खटवानी : Moral Stories in Hindi

******* दादी मां को अस्पताल से डिस्चार्ज मिल गया था.. सौरभ उनको घर ले आए थे.. पिछले महीने ब्रेन स्ट्रोक आया था.. इतने दिन वहां रह कर भी कुछ विशेष सुधार नहीं हो रहा ‌था.. सिर्फ आंखें कभी-कभार खोलती पर ना किसी बात पर एक्सप्रेशन देती और ना ही कुछ रिएक्ट करतीं.. रिकवरी बहुत स्लो … Read more

पैसे का गुरुर – डाॅ संजु झा  : Moral Stories in Hindi

रीना को दफ्तर में   खाली बैठे -बैठे  काफी समय हो चुका था।काम तो कब का खत्म हो चुका था, परन्तु घर जाने की इच्छा नहीं होती।घर का भांय-भांय करता सन्नाटा और खालीपन उसे डराता।काफी समय हो जाने पर उसका ड्राइवर आकर कहता है “मैम!अब घर चलें?” रीना हाॅं कहकर थके हुए कदमों से गाड़ी … Read more

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