चकरघिन्नी – डा.मंजु लता : Moral Stories in Hindi

चकरघिन्नी सब उसे पुकारते थे।  बचपन से वह चंचल स्वभाव की  थी। एक जगह कभी टिकती नहीं थी।कभी इधर तो कभी उधर।मुहल्ले का हर घर जैसे उसका अपना हो। और घर वाले सब दादी,नानी,काकी,दीदी,भैया,चाचा  चाचा होते थे।                    वह थी भी इतनी प्यारी कि उसकी नादानी भरी  हरकतों से भी कोई नाराज नहीं  होता था। ईश्वर … Read more

“रंग-ए-हिजाब” – आसिफ़ा कायनात : Moral Stories in Hindi

घर के सारे फ़ोन घनघनाऐ जा रहे , मोबाइल, लैंडलाइन..,  लेकिन ख़ुशख़बरी मिलते ही बदहवास सी तबस्सुम शुक्राने की दो रकात नमाज़ अदा करने मुसल्ले पर जो जाकर खड़ी हुई .., तो दुपहर से असर का वक़्त होने को आया,  तबस्सुम की दो रकात नमाज़ ख़त्म होने का नाम ही ना ले । सजदे में … Read more

तलाक़ – समिता बड़ियाल : Moral Stories in Hindi

कोर्ट में जज के आते ही सभी खड़े हो गए। जज की अनुमति के बाद कार्यवाही शुरु की गई।  प्रीति के वक़ील ने इजाज़त मांगी  और प्रीति को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया।  प्रीति ने भरी आँखों से जज को नमस्ते कहा।  ३२ साल की प्रीति , सांवला रंग , सामान्य कद -काठी  और … Read more

मुझे सासू मां के पास ले चलो। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

पूर्वा यहां बॉलकोनी में क्यों बैठी हो? और सारे घर में अंधेरा कर रखा है, मम्मी कहां पर है? मानव ने ऑफिस से आकर पूछा तो पूर्वा कुछ नहीं बोली और बॉलकोनी से एकटक नीचे देखती रही। तब तक मानव कपड़े बदलकर आ चुका था, वो पूर्वा को बांहों में भरते हुए बोला, क्या हुआ? … Read more

माँ – आराधना सेन : Moral Stories in Hindi

माँ माँ आपसे एक बात करनी थी सुनील थोडी जल्दी मे था ऋषी के स्कूल से आया था।”क्या हुआ इतनी हडबडी मे क्यूं हो आँचल से गीले हाथो को पोछती हूइ” माँ बोली।मा अब मुझे रुपा और ऋषी को अपने साथ शहर ले जाना होगा ऋषी का रिजल्ट बहुत अच्छा आया हैं उसे अच्छे स्कुल … Read more

अरमान किसके – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

बधाई हो ..बड़े अरमान थे आप दोनों के कि  बेटा प्रशासनिक अधिकारी बने तोआप लोग उसकी सरकारी गाड़ी में घूमें फिरें सरकारी आवास का लुत्फ उठाएं आखिर भगवान ने आपकी सुन ही ली  महेंद्र जी  ने गुलाबजामुन खाते हुए कहा । हां भाई साब ईश्वर की कृपा है शिवनाथ जी ने हाथ जोड़ते कृतज्ञ भाव … Read more

पैसे का गुरूर – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

अभी अपनी बेटी के हाथ पीले किए हुए दो महीने भी नहीं बीते थे कि सुधाकर जी की नौकरी पर आंच आ गई थी। आर्थिक मंदी ने सुधाकर जी की नौकरी में भूचाल ला दिया था । जो बड़े सैलरी वाले थे उन पर तो कोई खतरा नहीं था मगर जो मध्यम आमदनी वाले थे … Read more

क्या खोया क्या पाया!!? – डाॅ कंचन शुक्ला : Moral Stories in Hindi

“समय दिखाई नहीं देता पर बहुत कुछ दिखा देता है कनक ये बात मुझसे ज्यादा कौन जान सकता है?” काव्या ने अपनी सहेली कनक से उदास लहज़े में कहा। ” तेरा फैसला मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा है” कनक ने काव्या को देखते हुए कहा। “मेरा फैसला बिल्कुल सही है ये फैसला मैंने आज … Read more

तलाश – सिम्मी नाथ : Moral Stories in Hindi

बस  की खिड़की से  ठंडी  — टंडी हवाएं  नीतू के गालों पर आकर उसके लंबे बालों  को उलझा रही थीं, किंतु इन सब बातों से बेखबर नीतू   पेड़ों को भागता देख रही थी। उसे बचपन के वो दिन याद आ गए ,जब मम्मी पापा के साथ गर्मी की छुट्टियों में नानी के घर बिहार … Read more

पैसों का गुरूर – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

तुमको भी लेना है तो भाई तीन सौ की कोई साड़ी ले सकती हो अंजलि मैं पैसा दे दूंगी। भई हम तो इतनी सस्ती साड़ी पहनते नहीं है तुम तो ऐसी ही साड़ी पहनती हो ।हम तो पांच हजार से नीचे की साड़ी पहनते नहीं है नीलम बोली अपनी देवरानी अंजलि से । नहीं भाभी … Read more

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