चकरघिन्नी – डा.मंजु लता : Moral Stories in Hindi
चकरघिन्नी सब उसे पुकारते थे। बचपन से वह चंचल स्वभाव की थी। एक जगह कभी टिकती नहीं थी।कभी इधर तो कभी उधर।मुहल्ले का हर घर जैसे उसका अपना हो। और घर वाले सब दादी,नानी,काकी,दीदी,भैया,चाचा चाचा होते थे। वह थी भी इतनी प्यारी कि उसकी नादानी भरी हरकतों से भी कोई नाराज नहीं होता था। ईश्वर … Read more