कर्मफल ( टूटता विश्वास) – डॉ कंचन शुक्ला : Moral Stories in Hindi

“मां  आपको निर्णय लेना ही होगा मैं आपके कारण अपने घर में और कलह बर्दाश्त नहीं कर सकता” दिनेश ने गम्भीर लहज़े में अपनी मां पुष्पा से कहा  ” बेटा मैं क्या निर्णय लूं मैंने तो तुम्हें ही अपनी दुनिया मान लिया था तुम्हारे लिए मैंने क्या कुछ नहीं किया, झूठ फरेब, धोखाधड़ी सब किया … Read more

जिम्मेदारी – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

 उस दिन के बाद टूटे रिश्ते जुड़ने लगे और आज आभा विवाह के बाद विदा होते हुए जब मानसी से गले मिलकर फुटकर रोई तो मानसी का दुलार वाला हाथ उसे अपनी मां का सा हाथ प्रतीत हो रहा था ।        लगभग 12 वर्ष पहले मानसी इस घर में बहू बनकर आई थी। घर में … Read more

जिंदगी कितनी खूबसूरत है,आइए आपकी जरूरत है। – पूनम भटनागर : Moral Stories in Hindi

मुग्धा,मधु,रेशू, असीम,निलेष रमेश तथा कुमार अपने नुक्कड़ नाटक को लेकर बात करते जा रहे थे। सात सदस्यीय ये टीम किसी संगठन से कम नहीं थी। विशेश्वर कालेज में पढ़ने वाले ये लोग बी काम के छात्र थे, पर जैसे सभी समस्याओं से जूझना इनका प्राथमिक लक्ष्य था। समाज में चल रही आपाधापी को ये लोग … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

*रिश्तों की महक* पुष्पा जोशी कल किसी परेशानी के चलते,राज ने  सुमी की बहिन को बिना सोचे समझे उल्टा-सीधा बोल दिया,वह चली गई, सुमी को बहुत बुरा लगा, मगर वह कुछ नहीं बोली, उसके ऑंसू देखकर राज को अपनी गलती का एहसास हो गया। कल राज की दीदी पूरे पॉंच साल बाद विदेश से आने … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

न्याय – मंजू ओमर आज बहू के व्यवहार से शांता बहुत दुखी थी ‌‌‌‌‌वोकुर्सी पर बैठीं बैठीं सोंच रही थी मैंने भी तो अपनी सास के साथ कुछ अच्छा व्यवहार नहीं किया था ।फूटी आंख न सुहाती थी सास मुझे।और आज वही सब मेरी बहू मेरे साथ कर रही है ।सच ही कहा है ऊपर … Read more

बधाई हो – सिम्मी नाथ : Moral Stories in Hindi

प्राची  को लड़केवाले देखना चाहते हैं , उसे दिखाने पुणे जाना होगा , कैसे संभव हो पाएगा ? कल  सार्थक का फोन आया था , वो बता रहा था  ,  तीन बहनों  में वेदान्त सबसे छोटा हैं , बैंक ऑफ इंडिया में कार्यरत है  , अभी  छुट्टियों  में  अपनी बहन के पास पुणे गया था … Read more

बेटा इतने जतनो से पाला पोसा और इस कल की आई के लिए हम सब को छोड़ कर जा रहा है। – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

सीमा जी बहुत  दुखी थी। अपने बेटे अमित और बहु रीटा से ।कुछ दिनों से ठीक से बात  तक नहीं कर रही थी । अमित आया और बोला मां,गुस्सा छोड़ो और हमको अपना आशीर्वाद दो ।सीमा जी ने देखा बड़ा सा बैग लिए बिल्कुल तैयार हो के अमित आया था।उसके पीछे , रीटा भी पिट्ठू … Read more

भटकती आत्मा – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

आज न तो मेरा शरीर दवाब में था न वो मेरे पास बैठी मगर आज वो बहुत गुस्से में थी मैं उसका चेहरा तो मैं नही देख पा रहा था मगर उसकी आवाज स्पष्ट सुन पा रहा था। वो बोली कि मैंने सोचा था तूँ आराम से मान जाएगा मगर तू ऐसे नही मानेगा अब … Read more

नौकरी वाली बहू – कविता झा’अविका’ : Moral Stories in Hindi

घर की छोटी बहू कायरा सबकी लाडली बन गई। ससुराल में आते ही उसने सबको महंगे उपहार देकर घर में सबका मन जीत लिया। वो शादी से पहले नौकरी करती थी और शादी के समय यही शर्त रखी कि वो अपनी नौकरी कभी नहीं छोड़ेगी। वैसे भी सरकारी नौकरी मिलना इतना आसान तो है नहीं … Read more

अरमान निकालना – डाॅ संजु झा : Moral Stories in Hindi

सुधा का वर्षों पूर्व अरमान अपना घर का सपना आज पूरा होने जा रहा था अपने अरमान पूरे होने के कारण हर्षातिरेक से सुधा के पैर जमीं पर नहीं पड़ रहे हैं ।बेटा -बहू गृहप्रवेश की पूजा पर बैठे हुए हैं। पंडित जी की मंत्रोच्चार की ध्वनि वातावरण में पवित्रता का एहसास करा रही है। … Read more

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