मिले माई — लंगड़ा आया है – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

     शादी के बाद पहली रसोई के दिन ही श्वेता के कानों में आवाज आई…मिले माई लंगड़ा आया है….    इस आवाज को आए मिनट भर भी नहीं हुए होंगे कि ससुर जी ने आकर कहा ….दुल्हन , दो रोटी और थोड़ी सी सब्जी एक प्लेट में दे दो …लंगड़ा आया है ….पल्लू ठीक करते हुए धीरे … Read more

वृद्ध आश्रम – एम पी सिंह : Moral Stories in Hindi

मिसिस एन्ड मि. राहुल गुप्ता का इकलौता बेटा रोहन, पढ़ लिख कर यू एस में जॉब करता था। पिछले 5 साल में 2 बार भारत आया था। पहली बार अपनी शादी करवाने और दूसरी बार अब, पिताजी के गुजरने पर। पिताजी के जाने के बाद, मॉ एकदम अकेली हो गई थी, इसलिए रोहन चाहता था … Read more

“टूटते रिश्ते जुड़ने लगे” – उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

।हमारे घर में इतनी अधिक मेल मिलाप थी कि लोगों को मिसाल दी जाती थी कि देखो,फलाँ के घर कितना अच्छा परिवार है, कितनी मेल मिलाप है ।पर अचानक न जाने किसकी नजर लग गई कि सबकुछ गड़बड़ हो गया ।समीर दो भाई और दो बहन थे।सम्मिलित परिवार में सबकी रसोई एक ही थी। जब … Read more

बेटी बिना घर सूना – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  ” अम्मा..मिनी की शादी तय हो गई है।अब उसकी शादी में आप अपने सारे #अरमान निकाल लीजियेगा।” नरेश ने फ़ोन पर अपनी माँ को थोड़ी ऊँची आवाज़ बोला।सुनकर राजेश्वरी देवी चहक उठी,” कब है शादी है बाबू…।”  ” अम्मा..बस अगले महीने के पहिले हफ़्ते में है।भाईसाहब और भाभी को कह दिया है।आप तैयार रहियेगा..सप्ताह भर … Read more

बेटा कैसा भी हो बहु अच्छी होनी चाहिए – डा बीना कुण्डलिया : Moral Stories in Hindi

समय बदलता सोच भी बदलती लेकिन ममता का स्वरूप कभी नहीं बदलता एक अपनत्व की डोर रिश्ते को कैसे आपस में बांधे रखती है…? आज़ सुबह से ही घर में खुशी का माहौल था रेखा जी के कभी बातें करने,कभी खिलखिलाने की आवाजें पडोसन बेला जी के लिए तो रहस्य का विषय बनी हुई थी। … Read more

टूटते रिश्ते जुड़ने लगे – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

एक छोटी सी गलतफहमी की बजह से घर मे ऐसा बबाल मचा की घर चार हिस्सों में बंट गया। आंगन के नाम पर चार गलियां सी बन गई और हंसता खेलता परिवार एक दूसरे का दुश्मन बन गया। अब एक दुसरे से बात करना तो दूर एक दूसरे को देखना भी गंवारा न था। और … Read more

मार्गदर्शन – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

पारो !  क्या हो रहा था बराबर वाले घर में सुबह- सुबह….  मेरी जेठानी की  ऊँची- ऊँची आवाज़ें आ रही थी कि  बेटा , इतने जतनो से पाला और इस कल की आई के लिए हमें छोड़कर जा रहा है ।  अमित कहीं चल पड़ा या सुमित  ? अच्छा हुआ…. इनके साथ ऐसा ही होना … Read more

पता नहीं बहू मेरे लिए क्यों इतना विष उगलती है – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

आज रंजना ने बेटे गौरव से कहा बेटा जाकर बहू और बच्चों को लिवा लाओ घर , कुछ पूजा पाठ करवा लेते हैं । बच्चा हुआ है तबसे घर में कुछ हुआ नहीं है । मैंने बहू से कहा भी था कि बच्चा होने के चालीस दिन जब घर में पूजा हो जाएगी तब जच्चा-बच्चा … Read more

बेटे की चाहत – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

विधी एक के बाद एक तीन बेटियो की मां बन गई।तीसरी बेटी के जन्म के समय वह जरूर मायूस हुई कि भगवान एक तो बेटा दे देते जो मेरा परिवार पूरा हो जाता खैर जैसी तेरी इच्छा प्रभू जो दिया वह सहर्ष स्वीकार है और वे मनोयोग पूर्वक अपनी तीनों परियों सी सुंदर बेटियों के … Read more

बेटा हुआ पराया – शैलबाला रवि : Moral Stories in Hindi

माँ हमारा  बैंगलुरू जाना  कनफर्म हो गया है ओर परसों की फलाइट है। क्या ? माँ ने खिन्नता से पूछा। बेटा पहले नही बताया ओर टकिट बुक करते समय भी  नही बताया ? बस माँ यूंही काम की व्यस्तता के कारण दिमाग से निकल गया। ठीक है जाओ हमारा आशिर्वाद है। अंबिका बेटे के व्यवहार … Read more

error: Content is protected !!