टूटे रिश्ते जुड़ने लगे-मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

क्या कहा• मामा जी हमारे घर आ रहे हैं? पर उन्हें पता नहीं कि हमारा छोटा सा फ्लैट है••?  हां सीमा, पता है पर उनकी मजबूरी है । दिल्ली जैसे बड़े शहर में हमारे सिवा उनका है कौन••? और वैसे भी वह डॉक्टर से दिखा कर वापस चले जाएंगे••! रवि बोला।    क्या डॉक्टर को दिखलाने … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

 दोनों परिवार अपने हैं – विभा गुप्ता         ” क्या…! तुमने मुझे उसी समय क्यों नहीं बताया…मैं उसका हाथ तोड़ देती…।” मालिनी अपनी ननद आरती को चीखते हुए बोली तो वो बोली,” भाभी..मेरे लिये तो दोनों परिवार अपने हैं।बंटी के जन्मदिन पर घर मेहमानों से भरा हुआ था..उस समय आपको बता देती कि आपके छोटे भाई … Read more

गहने – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

——————–         रात को 2:00 बजे फोन पर रमेश जी की माता जी की रोने की आवाज आ रही थी और रमेश जी केवल एक ही बात दोहरा रहे थे तो मैं क्या कर सकता हूं?  मैं तो आपके किसी भी लेने देने में नहीं हूं ना।अगर आप चाहो तो मैं तो आपको बैंगलोर ला सकता … Read more

टूटे रिश्ते जुड़ने लगे – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

अजी बताइए ना, आपके कौन-कौन से कपड़े रखूं? सुधा जी अपने पति सोमेश जी से बोली। उनकी खुशी उनकी आवाज में झलक रही थी। कोई से भी रख लो, क्या फर्क पड़ता है। मैं तो तुम्हारा मन रखने के लिए वहाँ जा रहा हूँ। वर्ना ऐसा नहीं है कि मैंने पीयूष को माफ कर दिया … Read more

चिंगारी – भगवती : Moral Stories in Hindi

रधिया जिन घरों में झाड़ू पोंछा, बर्तन धोने का काम करती थी आज उन घरों में से किसी एक घर के राजा बेटे का जन्मदिन था तो तीन कामवालों का कार्य रधिया से करवा कर मालकिन ने उसे घर वापिस जाते हुए सूखी पूरियां, बिना पनीर की रसे वाली सब्जी, समोसे और गुलाब जामुन के … Read more

“रिश्ते तोड़ना आसान है जोड़ना मुश्किल” – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 तनु बेटा.. यह सब क्या है तू आए दिन अपने ससुराल से यहां चली आती है  छोटी-मोटी लड़ाई झगड़े तो हर घर में चलते हैं तेरे घर में तो लड़ाई झगड़ा भी नहीं होता फिर तू क्यों चली जाती है? पापा… आप नहीं जानते मेरे ससुराल वालों को… मुझे उनके संग रहना बिलकुल भी पसंद … Read more

प्रेम मिलन – सिम्मी नाथ : Moral Stories in Hindi

तीन साल से चल रहा रिश्ता नहीं….. चल नहीं खुशी से चल रहे रिश्ते, को आज विराम लग गया था । आज संजना को रोना नहीं अपनी गलती पर पश्चाताप हो रहा था। आज से चार साल पहले वो अपने प्रेमी विवेक के बिना जीने की कल्पना भी नहीं कर सकती थी ,उसने पापा से … Read more

“टूटते रिश्ते जुड़ने लगे” – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

अपने किसी परिचित के शादी समारोह खत्म होने पर निधि वापस सहारनपुर से गाजियाबाद जा रही थी। थोड़ी देर बाद उसी बस में शिवम को चढ़ते देखकर निधि ठगी सी रह गई कहीं मैं सपना तो नहीं देख रही शिवम यहां कैसे ।एक बारगी उसका मन हुआ वह दौड़कर शिवम के पास चली जाए और … Read more

शारदा – शालिनी श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

शारदा अक्सर सुबह जल्दी उठ जाती …स्नान करके तैयार हो जाती …फिर सूर्य को नमस्कार करती… पौधों में पानी देती… पंछियों के लिए पानी बदलती… यह सब उसके दैनिक कार्य थे… एक मध्यवर्गीय परिवार से आई शारदा, हमेशा अपनी साड़ी का पल्लू अपने सर पर रखती … उसका माथा कभी सूना नहीं रहा …छोटी सी … Read more

“घर वापसी ” – डॉ अनुपमा श्रीवास्तवा : Moral Stories in Hindi

” पिताजी…..!” आपने छोटे चाचा को शादी में नहीं बुलाया! कहीं भूल तो नहीं गये! शादी के लिस्ट में सबका नाम है सिर्फ उन्हीं का नहीं है….? पिताजी की तीखी आवाज आई ….”.हाँ नहीं…. बुलाया….. और उसे भूला भी नहीं!”   “अब जाओ जो काम  दिया गया है संभालो समझ गये न! काम  बहुत पड़ा है … Read more

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