मुखाग्नि! – सारिका चौरसिया

उनकी चिता धु धु जल रही थी, अस्पताल से साथ आये कर्मचारी बड़ी बेरुखी से चिता पर लाश रखने और दाह कार्य करने की प्रक्रिया को अंजाम दे रहे थे। हाँ!अब वे मात्र लाश ही तो रह गए थे। कोरोना का पहला दौर था,और महामारी अपने चरम पर थी। मृतकों को घर की ड्योढ़ी पर … Read more

डबल इनकम – सीमा वर्मा

‘मजा’ है या किन्हीं विशेष परिस्थितियों में वो कैसे ‘सजा ‘ बन जाती है मेरी आज की कहानी में मैंने प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। कहानी के नायक और नायिका दोनों वर्किंग है। सुधीर मेडिकल कॉलेज में प्राध्यापक हैं जबकि आस्था सरकारी बैंक में सीनियर क्लर्क के पद पर आसीन है। उन दोनों ने … Read more

बंधन – सीमा बत्रा

रंजीत और किरण जी के तीन बच्चे हैं। दो बेटे और एक बेटी। भरा पूरा खुशहाल परिवार है। रंजीत जी एक सफल बिजनेस मैन और किरण जी सरकारी स्कूल से रिटायर टीचर। पिछले दो साल से कोविड के चलते रंजीत जी के दोनो बेटो ने पापा से जिद करके बिजनेस को बंद करने के लिए … Read more

कैप्टन मोनिका खन्ना, – सुषमा यादव

,,देश को आप पर गर्व है,,   ,,, आज़ हमारे देश की बेटियां एक से बढ़कर एक कमाल कर रही हैं,,, प्रत्येक क्षेत्र में वो आगे बढ़ती जा रही हैं,,इसी क्रम में रविवार को अपने देश की एक पायलट  बेटी ने अपनी सफलता का परचम एक बार फिर लहराया है,, ,,** ,,, जी हां,, आज़ … Read more

पुखराज – ज्योति अप्रतिम

******* आज वो…..  सो कॉल्ड , खोया हुआ  पुखराज मिल गया और सो कॉल्ड ,नजदीकी पारिवारिक मित्र  को लौटा भी दिया ।पुरसुकून नींद आएगी आज रात। बिस्तर पर लेटते ही तीन महीने पुरानी  बातें फिल्मी रील की तरह चलने लगीं दिमाग में। हमारे पड़ोसी और हमारे घर की दीवार सटी हुई है और दोनों परिवार … Read more

जब मैं पंसद थी, नही तो मुझसे शादी क्यों की?? – मनीषा भरतीया

  रिया आज मेरे बॉस ने मेरे प्रमोशन की खुशी में मेरे ऑनर् में होटल सनशाइन में पार्टी रखी है…. मेरा ब्लू सूट रेडी कर देना शाम को आकर चेंज कर लूंगा…. ” रिया ने कहा ठीक है….मैं भी तैयार रहूंगी मुझे भी पिक कर लेना…. क्या तुम पागल हो गई हो शक्ल देखी है अपनी … Read more

अस्मिता  – सरला मेहता

#एक_टुकड़ा  अस्मिता, वैसे ही दुखी थी। बिन माँ बाप वाली अनाथ जो थी। रिश्तेदारों ने सेना के ऐसे सिपाही से विवाह करवा दिया जो अपना एक हाथ व टाँग युद्ध में गंवा चुका था। अमन को अच्छे खासे मुआवज़े के साथ हर माह पेंशन मिल जाती थी। चाँद सी बेटी तारा के आने से अस्मिता … Read more

 बेटी बनी मां – डॉ उर्मिला शर्मा

 अपर्णा ऑटो से उतर जल्दी- जल्दी घर जा रही थी। जाने मां को दिनभर में कोई परेशानी या जरूरत तो नहीं पड़ी। हालांकि वह मां को समझाकर आयी थी कि कोई भी परेशानी होने पर वह उसे फोन कर लें। इमरजेंसी में पड़ोसन नीता का भी फोन नम्बर दे रखी थी। उसे ऑफिस में भी … Read more

तलाश, एक टुकड़ा जिंदगी की – नीलिमा सिंघल 

घर पर जमघट लगा हुआ था लोगों का तांता लगा हुआ था पुलिस की गाड़ी और एम्बुलेंस की आवाजें कानो में चीख रही थी,   4 साल की अनन्या इतने अजनबियों को देखकर रोये जा रही थी और सावित्री…..सावित्री एकटक पंखे से लटके निर्जीव पड़े शशांक को देखे जा रही थी, जिसे पुलिस वाले ध्यान से … Read more

उम्मीद की उजास – लतिका श्रीवास्तव 

#एक_टुकड़ा       “पांच हजार से एक रुपया कम नहीं लेंगे …..ओ बड़ी भाभी सुन लो,अपनी बिटिया के लिए तो नही किया अब अपनी देवरानी की बिटिया के लिए तो गांठ खोलो जल्दी ….कहां छुप कर बैठी हो बाहर आओ ….. हाय हाय बड़ी भाभी , हाय हाय बड़ी भाभी…”कमला के साथ अन्य सभी किन्नरों की … Read more

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