नेहा – कंचन श्रीवास्तव

***””””””   चेहरे का नूर लोगों को कसकता है ,पर क्या ? करें ।उनके वश में नहीं कि छीन सके हालांकि की कोशिश बहुत रहती है ,पर ऐसा कर नहीं सकते ।इसलिए हाथ मल कर रह जाते हैं। ये बात काफी दिनों से नेहा आसपास रिश्तेदार दोस्त यार सभी में नोटिस कर रही पर कह … Read more

बहु बेटे भी इसी ग्रह के प्राणी हैं। – सुधा जैन

लॉकडाउन के समय मेरी बाई माताजी  का निधन हो गया ,तब हम तो नहीं जा सके। मेरी भाभी ने उन्हें सुहागन के रूप में तैयार करके विदा किया ,और सभी कार्यक्रम किए। हम लोग जब बाद में गए तब हमने देखा कि मेरे बाबूजी, जो कि वृद्ध हैं ,रात को उनका जी घबराता है ,तब … Read more

फूलवाली – गोविन्द गुप्ता

हरे हरे फूलों के पौधों के बीच एक छोटी सी झोपड़ी और उसमें सुई से माला बनाती राधिका छोटी सी बेटी को गोद मे लिये दुग्धपान करा रही थी माला बनाते बनाते ही वह ख्वाव में बेटी के भविष्य के बारे में सोंच रही थी कि यह पौधे इतने फूल देंगे कि हम बहुत सी … Read more

छलावा – रीटा मक्कड़

मीना को समझ नही आ रहा था कि आजकल राजीव के मन मे क्या चल रहा है। उसको ऐसा लग रहा था कि आजकल राजीव उस पर कुछ ज्यादा ही ध्यान देने लगे हैं। उसके साथ समय बिताने के बहाने ढूंढते रहते हैं।उसने खाना टाइम से खा लिया कि नही।उसको कुछ चाहिए तो नही। दिमाग … Read more

औरत – मनवीन कौर

——- “बेटी हो गई ? मुझे तो पहले ही पता था ।उड़ाने भर रही थी , इसके लच्छ्न तो पहले ही नज़र आ रहे थे ।सास बुदबुदा रही थी ।”पति ने लम्बी साँस भरी  और गाड़ी उठा कर चल दिया । सी सेक्शन होने के बाद वह बेहोशी की हालत में थी । होश आने … Read more

वचन – अंजू निगम

  “माई अब इत्ते में गुजर नहीं होती। आप कोई और देख लो काम करने के लिए।”रमेशी ने जब ऐसा बोला तो अम्मा को विश्वास न हुआ।  छुटपन से अंम्मा ही पाले थी इस रमेशी को।उसकी माई तो जनम देते बखत ही परलोक जा बसी थी।बस गनीमत इत्ती रही कि उसके बाऊ ने दूसरा ब्याह न … Read more

**विश्वास और घात***** –    बालेश्वर गुप्ता

 अंकल अंकल – – ये रही आपकी अदरक वाली चाय और साथ में भुजिया.     टीवी देखते देखते मैंने चौंक कर चाय का कप हाथ में लिया और घड़ी की ओर देखा, उसमे पूरे 4 बज रहे थे.         असल में अभी एक माह पूर्व ही हमारे यहाँ नई नौकरानी आयी थी, नाम था मनीषा. एक माह … Read more

परवरिश – रीटा मक्कड़

अनिता का मन आज सुबह से बहुत ज्यादा उदास था।सुबह से बिटिया की बहुत ज्यादा याद आ रही थी। जब भी उसकी पसंद का कुछ बनता या उसका कोई सामान देखती तो उसकी आंखें बरबस ही छलक जाती।  आज उसकी शादी को एक महीना हो गया था। दोपहर बारह बजे का समय था सोचा इस … Read more

ख्वाब – अनामिका मिश्रा

  मीनू और राज की तीन बेटियां हो गई थी। लड़के की चाह में तीन बेटियां हो गई थी। राज की कोई खास नौकरी भी नहीं थी।इधर उधर छोटे-मोटे काम किया करता था।  बेटियों की जिम्मेदारी मीनू के ससुर उठा रहे थे।  वो सहायता किया करते थे। धीरे धीरे बेटियां बड़ी होने लगीं। मीनू की … Read more

झाँसी की रानी – सरला मेहता

लक्ष्मी बाई पार्क के पास बसी झुग्गियों में ही मनु रहती है। वह मंदिर में प्रार्थना करती है, ” हे देवी माँ ! आज मैं बालिग हो गई हूँ। मुझे रिक्शा ड्राइवर का लाइसेंस मिल गया है। बीमार पापा का रिक्शा चलाकर भाई को फौज में भेजूँगी। शक्ति दो माँ। “ बस चल पड़ी मनु … Read more

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