मन सरोवर – रीमा महेंद्र ठाकुर
तेजस्विनी, जल्दी जल्दी बैग पैक कर रही थी! उसके दोनों बच्चे, आपस में मस्ती कर रहे थे! चट की आवाज, क्या हुआ, तेजस्विनी ने आवाज की ओर मुहं करके पूछा, सन्नाटा, बाहर जाकर देखने को उद्दत हुई, तभी बडी बेटी भागती हुई उसके पास आयी, और अलमारी के कोने में छुपकर बैठ गयी, घुटने में … Read more