मन सरोवर –  रीमा महेंद्र ठाकुर 

तेजस्विनी, जल्दी जल्दी बैग पैक कर रही थी!  उसके दोनों बच्चे, आपस में मस्ती कर रहे थे! चट की आवाज,  क्या हुआ, तेजस्विनी ने आवाज की ओर मुहं करके पूछा,  सन्नाटा,      बाहर जाकर देखने को उद्दत हुई, तभी बडी बेटी भागती हुई उसके पास आयी, और अलमारी के कोने में छुपकर बैठ गयी, घुटने में … Read more

बहू घर की इज्जत होती है – सोनिया निशांत कुशवाहा

बर्तन गिरने की आवाज सुन ऋचा दौड़ती हुई आँगन में पहुँची। पहुंचते देखा कि उसके ससुर जी ने नाश्ते की थाली गुस्से में फेंक दिया है।  उनकी नजर जैसे ही ऋचा पर पड़ी  उन्होंने गुस्से में कहा, “ना जाने कौन घड़ी में तू निकम्मी हमार गले पड़ गई। अरे! चार आदमी का खाना बनाने में … Read more

कन्यादान – अनुपमा

सुबह सुबह घर मैं इतनी चहल पहल देख कर मैं बाहर निकला तो देखा दीदी की कामवाली अपने बच्चों को लेकर आई थी आज , मैं कुछ ऑफिस के काम से कानपुर आया था तो दीदी के यहां ही रुक गया था । उसकी चार लड़कियां ,देखने मैं तो बमुश्किल साल साल भर का ही … Read more

ये कैसा प्यार – प्रीती सक्सेना

    मैं मनीषा,,, पंद्रह वर्ष की थी, जब ब्याह के अशोक के घर आई थी,,, मैं,, छोटे से कद की,, नाजुक दुबली पतली,, वहीं वो लंबा चौड़ा, सजीला जवान,,,बहुत अच्छा लगता था,,, मुझे तो हीरो जैसा लगता था,, मेरी सहेलियों कहती थीं,, मनीषा,, तेरी तो किस्मत खुल गई,,, पर जल्दी ही मुझे पता चल गया,, कि … Read more

सांझ – गरिमा जैन

अकेलापन,  शायद यही एक ऐसा एहसास था जो मुझे एक  डरावने सपने जैसा लगता और कहते हैं ना कि किस्मत आपके डर को आपके सामने खड़ा कर देती है वही मेरे साथ हुआ। जीवन के साठ मील चलने के बाद यह अकेलापन मुझ पर जोरों से हंसने लगा । मैं इसके आने से पहले ही … Read more

 जोड़ा – विनय कुमार मिश्रा

आज एक बहुत ही अच्छी रोमांटिक फिल्म लगी है। शॉपिंग के बाद मैं और निहारिका टिकट के लिए लाइन में लगे थे। हमारे आगे ही एक और जोड़ी भी इस फ़िल्म की टिकट के लिए लाइन में थी। बिल्कुल देहाती! उनकी बातों से लग रहा था वो अपनी शादी के बाद पहली बार साथ फ़िल्म … Read more

कृतज्ञ –  किरण केशरे

हाँ छमिया ही तो थी , एक दिन गली के तीन चार कुत्ते उसके पीछे पड़ गए थे। घबरा कर भागते हुए घर के खुले गेट से आकर सोफे के नीचे आकर दुबक ही तो गई थी वह!  कुत्ते भौंकते हुए गेट तक आ पहुँचे थे ! माली ने डण्डे से उन्हें दूर तक खदेड़ … Read more

मायका – पिंकी नारंग

कब आ रही है हमारी बिटिया रानी? इस बार आओ तो कुछ ज्यादा दिन के लिए आना |यूँ पल मे आना पल मे जाना नही भाता हमें, सुषमा फ़ोन पर बेटी से दुलार करते हुए कह रही थी |   ठीक है माँ ज्यादा दिन की छुट्टी ले कर आउंगी वैसे कभी माँ का मन भरता … Read more

आई. सी. यू.   l ICU – श्वेत कुमार सिन्हा

***************** रात के तकरीबन ग्यारह बजे थे जब अस्पताल में उद्घोषणा हुई और मुझे आई सी यू में बुलाया गया। दरअसल पिताजी के सांस लेने में काफी तकलीफ होने की वजह से डॉक्टर ने उन्हें आई सी यू में भर्ती किया था जहां अभी वह वेंटीलेटर पर थे। मैं अस्पताल के ही पहले तल्ले पर … Read more

प्रेम – शालिनी दीक्षित

“सुनिए चाय पिएंगे क्या?”, प्रिया ने दोनों के बीच में पसरी चुप्पी को तोड़ने की कोशिश करी। “अभी रहने दो थोड़ी देर में देखेंगे।”, आकाश ने खुद को संतुलित करते हुए जवाब दिया, कहीं उसके गले की भर्राहट प्रिया को सुनाई ना दे जाए। थोड़ी देर बाद आकाश को ऐसा लगा कि रसोई से कुछ … Read more

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