अश्क भिगोते रहे – अंजू निगम
“बिटिया, दामाद जी कार लाये है क्या?” पापा की आँखो में मुझे देख आशा के जो दीये जल उठते थे, उसे देख मुझे खौफ होता था| उनका अगला सवाल भी मैं जानती थी पर इधर वो सवाल केवल पापा के होठो पर आ कर ठिठक जाते थे, उन्हें आवाज नहीं पहनाते थे| मैं पापा से … Read more