बेटियाँ हमारी स्वाभिमान हैं। – पुष्पा पाण्डेय 

निर्मला तीसरी बार माँ बनने वाली है। सास तो चाहती है कि भ्रूण परीक्षण करवा ही लें, क्यों कि पहले से ही दो बेटियाँ हैं। पर निर्मला ने साफ मना कर दिया। ” नहीं माँ जी, मैं ने आपके दबाव में ही तीसरी कोशिश की। भ्रूण परिक्षण तो बिल्कुल नहीं। जो होगा वो मेरा अपना … Read more

मेरी बेटी मेरा गुरूर – ऋतु अग्रवाल

 नीलू रोज की तरह कोचिंग क्लास से वापस घर आ रही थी। शैलजा, प्रीति और नीलू बातों में इतनी मग्न थी कि उन्हें पता ही नहीं चला कि दो मोटर साइकिलों पर सवार कुछ लड़के उनका पीछा कर रहे हैं। थोड़ी देर में शैलजा और प्रीति अपने घर की ओर मुड़ गई और नीलू अकेली … Read more

पूर्वाभास – तरन्नुम तन्हा

मैं तेज चाल से कॉलेज की तरफ जा रही थी कि अचानक वह मेरे सामने आ गया। दो दिन पहले वह एक दोस्त के साथ मुझे इसी जगह पर छेड़ रहा था, और हमेशा की तरह मैं उसकी तरफ ध्यान न देकर चलती जा रही थी। लेकिन उस दिन मेरा हाथ पकड़ लिया था उसने। … Read more

डॉक्टर साहिबा – अनुपमा

राधे के पिताजी गांव के बड़े जमींदार थे बहुत ही कड़क स्वभाव के थे ठाकुर महेंद्र सिंह , काफी मन्नतों के बाद उनके पुत्र हुआ था जिसका नाम उन्होंने राधे रखा था , बच्चे तो उनके और भी हो सकते थे पर हुए नही क्योंकि उनको दुनिया मैं आने से पहले ही अलविदा कर दिया … Read more

कीमत – मीनाक्षी चौधरी

शाम को खाना खाने के बाद मैं रोज ही टहलते हुये आइसक्रीम खा कर आती और चैन से सो जाती। ये सिलसिला लगभग एक महीने से चल रहा था। ऐसा लगता था जैसे मुझे आइसक्रीम खा कर चैन सा मिलता है, या शायद लत लग गयी थी। मुझे खबर भी न हुयी कि एक नन्हा … Read more

इम्यूनिटी पावर – नीरजा कृष्णा

आज पूरा परिवार उनके घर पर एकत्रित था। मौका बहुत खास था…वो कल ही तो चार महीने बाद  कैंसर की जंग जीत कर मुंबई से लौटी थीं। आज उनकी ननद ,देवर और जेठजी …सब सपरिवार उनको देखने और बधाई देने के लिए इकट्ठा हुए थे। छोटे देवर अभय बोलने लगे,”हमारी भाभी तो सदा ही जीवट … Read more

भिखू – डाॅ संजय सक्सेना

इंटर की कक्षा मे पढ़ते पढ़ते ही भीखू ने जिम ज्वाइन कर ली थी । आखिर उसको पुलिस का दरोगा जो बनना था। जब भी वह किसी पुलिस अफसर को देखता तो उसकी जगह वह स्वयं को वहां देखने लगता। धीरे-धीरे धीरे समय बीतता गया ।आज भीखू  21 वर्ष का हो गया । उसने बी.ए.की … Read more

संघर्ष – अनामिका मिश्रा

शिवानी के पति की मृत्यु के बाद उसे समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करें। उसके पति को कैंसर हो गया था और वह बच नहीं सका।  इतनी कोशिशों के बावजूद आखिर उसकी मृत्यु हो ही गई। शिवानी  की एक बेटी और बेटा था ।  बेटा छोटा था, बेटी तान्या की पढ़ाई पूरी … Read more

गुरु दक्षिणा – संजय मृदुल

रमा ने दरवाजा खोला तो सामने एक सुंदर नौजवान खड़ा था। असमंजस से डूबे हुए स्वर में उसने पूछा- जी कहिए, किससे मिलना है आपको? अरे रमा आंटी! पहचाना नहीं मैं हूँ रिंटू। आपके पड़ोस में रहते थे ना हम।  मैं यहीं खड़ा रहूं या भीतर आऊं? उसने पूछा। अरे! आओ ना। मैं इतने सालों … Read more

 माटी की गुड़िया – गुरविंदर टूटेजा

   अनुजा क्या कर रही हो…हर काम इतना धीरे करती हो…अपर्णा ने अपनी छोटी बहन को चिल्लाकर बोला..!!     इतने में छोटा भाई अर्पित भी चालू हो गया दीदी आप भी कहाँ सिर फोड़ रही हो इनसे कभी कुछ हुआ है जो आज होगा…कोई उम्मीद करना ही बेकार है…उधर अनुजा कच्ची मिट्टी की गुड़िया सी सबकी बातें … Read more

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