मेरा नाम भी तो है – पुष्पा पाण्डेय
जब भी डाॅक्टर साहब के घर ज्यादा काम होता है तो कस्तुरी अपनी बेटी को भी बुला लेती थी। उसको भी आराम होता था और मेमसाहब भी कहती हैं कि बुला लो। रविवार होने से वह घर पर ही रहती थी। बाकी दिन तो स्कूल जाना होता था। कस्तुरी की बेटी अंजलि पढ़ने में होशियार … Read more