‘खुद पर भरोसा’ – अनीता चेची
जिया अब 16 वर्ष की हो गई थी। उसका इस तरह से अल्हड़ पन, उछलते, कूदते पूरे घर में घूमना दादी को बिल्कुल भी पसंद नहीं था। वे बार-बार कहती जिया कुछ घर का काम भी किया करो। अगले घर जाकर नाम बदनाम करोगी। जिया हंसी में उड़ा देती। अरे !नहीं अम्मा देखना मैं आपका … Read more