आख़िर, मेरा घर कौन सा है – शाहीन खान
“कृतिका अब उठ भी जा बेटा..!! कितनी देर तक सोएगी, आज कॉलेज नहीं जाना क्या?? पता नहीं कितनी नींद आती है इस लड़की को, सुबह उठाओ ना तो उठे ही नहीं। हे भगवान..!! ससुराल में कैसे गुजारा होगा इस लड़की का? कृतिका के कमरे की खिड़कियों के पर्दे खींचकर बड़बड़ाती जा रही थीं कावेरी जी।” … Read more