टका-सा मुॅंह लेकर रह जाना – डॉक्टर संजु झा : Moral Stories in Hindi

प्राचीनकाल में  किसी जंगल में नदी किनारे एक जामुन  के पेड़ पर एक बंदर रहता था।बंदर उस पेड़ के मीठे-मीठे जामुन खाता और अपने दिन आराम से बिताता, परन्तु उस बंदर के दिल में एक ही मलाल था कि उस निर्जन वन में उसका कोई दोस्त नहीं था।अकेलेपन के कारण बंदर कभी-कभी उदास हो जाता … Read more

नाजों पली – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

कॉलोनी के पार्क मे सुबह आसपास के काफी लोग आया करते थे । ज्यादातर बड़े बूढ़े वहाँ थोड़ा घूम कर बतियाने लगते , जवान दौड़ लगाते या व्यायाम करते और बच्चे साइकिल चलाते या कुछ ना कुछ खेल खेलते ।  ऐसे ही एक सुबह बड़े बूढ़े आपस मे बतिया रहे थे । उनमे कुछ 70-80 … Read more

टका सा मुंह लेकर रह जाना – राजेश कुमार : Moral Stories in Hindi

क्या टका सा मुंह ले के बैठे हो सुबह सुबह। चलो उठो और पार्क में सैर करके आओ। पिता ने अपने मायूस हो रहे बेटे को कहा। क्योंकि की कल ही उसका रिजल्ट आया था और वो फिर से  कुछ मार्क से रह गया था । ये उसका तीसरा अटेम्प्ट था। पिताजी ने रात को … Read more

टका सा मुंह लेकर रह जाना – निमिषा गोस्वामी : Moral Stories in Hindi

अरे कहां है आप ?कब से पुकार रही हूं।चाय है कि ठंडी हुई जा रही है।अनिका ने अपने पति अनय को आबाज लगाते हुए कहा और चाय लेकर बरामदे की तरफ आई।आप यहां चहलकदमी कर रहे हैं और मैं गला फाड़कर आपको पुकार रही थी।अनिका ने चाय की प्याली को पास की मेज़ पर रखते … Read more

टका सा मुँह लेकर रह जाना – डॉ आभा माहेश्वरी : Moral Stories in Hindi

” अनु और सुम्मी दो सहेलियाँ थीं।दोंनो गाँव में रहती थीं।अनु के पिता बहुत बड़े जमींदार थे– पचासियों नौकर चाकर उनके यहाँ काम करते थे।धन तो पानी की तरह  खर्च होता था।अनु अकेली बेटी थी और चार भाई थे।सभी बहुत  अच्छे स्वभाव के थे– कभी किसी गरीब का निरादर नही करते हालांकि उनके पास अथाह … Read more

हताशा क्यों? – प्राची अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

नीट की परीक्षा उत्तीर्ण ना कर पाने के कारण स्वाति बहुत उदास हो गई थी। कुछ नंबर की ही कमी रह गई वरना पेपर निकल जाता। यह उसका तीसरा प्रयास था उसे पूरी उम्मीद थी कि इस बार क्वालीफाई कर लेगी। ऊपर से समाचारों में नीट की पारदर्शिता पर उठे सवालों से उसका मन और … Read more

उपहार! – कुसुम अशोक सुराणा : Moral Stories in Hindi

घर-आँगन केसर और बासमती चावल की खुशबू से महक रहा था! पिताजी ने माँ भगवती के आगे दीप जलाया और वणज का भोग लगाया!  आज नारळी-पौर्णिमा, रक्षाबंधन का त्यौहार! घर के सभी सदस्य आज छुट्टी मना रहे थे! हँसी के फव्वारे छूट रहे थे…हम सभी भाई-बहन छोटे भाई का इंतज़ार कर रहे थे! वह मिरज … Read more

मेरी नहीं दीदी की चिंता कीजिए – मनु वाशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

रमा तीन बहन भाइयों में सबसे छोटी थी, उसके पापा एक वर्ष पहले गुजर गए, तब से वह कभी दादी के यहां तो कभी नानी के यहां, ना चाहते हुए भी झूलती रही। बड़ी बहन की शादी हो गई, उस ने स्वयं को सुसराल में खपा दिया। जिससे कोई दहेज का ताना ना मार सके। … Read more

दिखावे की जरूरत नहीं – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

( मुहावरा-टका सा मुँह लेकर रह जाना) राजवीर जी अपने दोस्तों में बहुत ज़्यादा ही चर्चा में रहते थे….आखिर क्यों ना हो उनके बेटा बहू उनका ख़्याल कुछ ज़्यादा ही रखते थे । हर दिन वो सोसायटी के पार्क में पोते पोती कृष और कृषा को लेकर जाते वो दोनों सोसायटी के अन्य बच्चों के … Read more

समाधान – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

अरे केशव आ ना आज बहुत बहुत दिन बाद आया सब ठीक तो है न। तेरे चेहरे पर इतनी उदासी ,क्या हुआ है। अरे रे एक साथ इतने प्रश्न अर्जुन जरा मुझे सांस तो लेने दे।मन उदास था तो अपने मित्र की याद आ गई सोचा चलो चलकर उसी के पास अपना मन हल्का कर … Read more

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