बहू को कभी बहू न समझा…!!! – विनोद सिन्हा “सुदामा“ : Moral Stories in Hindi

लिजिए मां जी आपकी अदरक वाली चाय… गर्म चाय की कप सास के सामने पड़ी छोटी टेबल पर रख कर स्मृति मन ही मन भुनभुनाते हुए रसोई में जाने लगी.. “कभी बहू का हक नहीं मिला मुझे…” “जब देखो तब खाली पीली हुक्म चलाती रहती है” बेटी जरा यहां आना,बेटी जरा ये कर देना वो … Read more

अनमोल उपहार – जया शर्मा प्रियंवदा : Moral Stories in Hindi

वर्मा जी की गिनती शहर के अमीर लोगों में हुआ करती थी वर्मा जी की बर्तन बनाने की फैक्ट्री थी, और वह अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए अक्सर छोटे-मोटे आयोजन किया करते रहते। वर्मा जी के पिता जी ने शहर में काफी बड़ी हवेली बनवाई और मंदिर के साथ ही धर्मशाला भी जहाँ हर पूर्णिमा … Read more

स्नेह का बंधन – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

मत रो बिटिया मां चली गई तो क्या हुआ बाबू जी तो है ,हम है मायके आती रहना इतना कहकर शकुन्तला ने दोनों बेटियों को गले लगा लिया और दोनों के हाथों में दस ,दस का एक-एक नोट रख दिया।और खुद भी आंसू पोंछने लगी। बिटिया जो आया है संसार में वाको तो एक दिन … Read more

दगड़ाबाई चा गुत्ता! – कुसुम अशोक सुराणा : Moral Stories in Hindi

अमावस की रात में झींगुरों की झीं-झीं के बिच, सूखे पत्तों को रौंद कर एक आवाज़ रात की ख़ामोशी को चीरती हुई दगडाबाई के कानों में गर्म शीशे सी पहुँची और कुछ ही पलों बाद उसे ऐसे लगा मानों कोई उसका पल्लू खींच रहा हैं! ऊँची-ऊँची घास के बिच एक्का-दुक्का ढाबों के आसपास हाइवे से … Read more

दहेज – लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

सुधीर, सुधीर कहाँ हो? चिल्लाते हुए सीमा अपने पति के पास पहुंची,जो अपने दोस्तों से गप्पे लड़ा रहा था। उसे दोस्तों के साथ देखकर गुस्साते हुए बोली “कब से तुम्हें बुला रही हूँ, सुनाई नहीं दे रहा, बहरे हो? लगता है मेरे पापा ठगे गए है।” यह सुनकर सुधीर सीमा को आँखे दिखाते हुए बोला … Read more

अनमोल उपहार – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

सीमा क्या आजकल तुम्हारे स्कूल में छुट्टियां चल रही हैं तुम रोज मम्मी के साथ आ रही हो स्कूल नहीं जाती क्या। यह सुन सीमा की आंखें डबडबा आईं और कुछ नहीं बोली। अरे बोल क्यों नहीं जाती क्या हुआ। सीमा जोर -जोर हिचकियां ले रोने लगी। रागीनी जी घबरा गईं ये क्या हुआ इसे … Read more

“भाभीजी का स्पेस स्टेशन” – डॉ अनुपमा श्रीवास्तवा : Moral Stories in Hindi

   आज के स्त्री विरोधी युग में सुनीता विलियम्स  ‘अंतरिक्ष परी’  जब से आसमान में अपना परचम लहरा कर वापस लौटी है  तब से खासकर भारत की महिलाओं के बीच क्रांति छा गई है। चारो तरफ महिलाओं के महिमा मंडन का डंका बज रहा है।  घर -घर में हर माँ बाप अपनी बेटियों को नसीहते दे … Read more

पश्चाताप – अपर्णा गर्ग : Moral Stories in Hindi

कमरे की छत से पानी टपक रहा था, ज्योति कभी एक तरफ बर्तन रखती, तो कभी दूसरी ओर… न तो बारिश रूक रही थी और न ही उसके पास और बर्तन बचे थे, जिसे वो टपकते हुए पानी के नीचे लगा दे। हे भगवान! अब तो रहम करो, कब तक बरसोगे। ऐसा लग रहा हैं … Read more

टका सा मुंह लेकर रह जाना – अपर्णा गर्ग : Moral Stories in Hindi

सोहम अपने दोस्तों के साथ गली के मोड़ पर खड़े होकर लगातार बाइक का हॉर्न बजाता रहा, “नव्या अपने छोटे भाई का हाथ कसकर पकड़ते हुए बिना इधरउधर देखे, तेज कदमों से घर की ओर जाने लगी।” क्या यार, इतनी मेहनत करने का… आधा घंटे तक तो इस चिलचिलाती धूप में खड़े, इंतजार करते रहे … Read more

टका-सा मुंह लेकर रह जाना – ऋतु यादव : Moral Stories in Hindi

आज रंगोली के नए ऑफ़िस का पहला दिन था, बहुत खुश थी वो। जाकर सबसे मिली तो लगा, वाह सभी काफ़ी अनुभवी लोग हैं,उसे सीखने को काफी कुछ मिलेगा। बातूनी और चुलबुले स्वभाव के कारण वह जल्दी ही सबसे घुल मिल गई। उन पांच लोगों की टीम में उसकी दोस्ती सबसे हो गई थी,ऊपर से … Read more

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