बहुरानी – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

बधाई हो माँ, पहले पोते की सगाई की । अब तो आप दादी सास बन गई ।  पूर्णिमा ने गाड़ी से उतरकर मिठाई का डिब्बा बरामदे में बैठी अपनी सास की गोद में रखकर चरण छूते हुए कहा ।  तुम्हें भी बधाई हो पूर्णिमा रानी ! तुम भी तो सास बन गई । सब काज … Read more

किराएदार – करुणा मलिक  : Moral Stories in Hindi

स्नेहा! आज अपने अंकल के लिए भी रोटी ऊपर से ही दे जाना, देख मेरा तो व्रत है , अब एक जने के ऊपर कहाँ तवा- परात उठाऊँगी । ठीक है आँटी जी ! जिस टाइम अंकल जी  को रोटी खानी होगी, दस मिनट पहले बता दियो, सब्ज़ी गर्म करके रोटी सेक दूँगी ।  श्यामाजी … Read more

पीढ़ियों का फ़ासला – करुणा मलिक  : Moral Stories in Hindi

अरे स्वाति! उठो , आज तो बहुत देर कर दी तुमने । मम्मी भी दरवाज़ा खटखटा कर गई है अभी ।  प्लीज़ राघव , पेट में बहुत तेज दर्द है मंथली प्रोब्लम के कारण ।आप ज़रा मम्मी जी को बता देना । एक टेबलेट खा लेती हूँ अभी , नाश्ते के टाइम तक उठ जाऊँगी … Read more

और कितनी परीक्षा दूंगी.. – संगीता त्रिपाठी  : Moral Stories in Hindi

“ये क्या रूचि, दूध गैस पर रख, तुम यहाँ मोबाइल पर गप्पे मार रही हो, सारा दूध जल गया,”कनक ने कहा तो रूचि का मुँह फूल गया…, ये सास और ससुराल दोनों ही आफत है, एक मिनट भी चैन नहीं…,भुनभूनाते हुये रसोई की ओर चल दी। रूचि को भुनभूनाते देख कनक जी सोच में डूब … Read more

मनोकामना – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

सिद्धांत! मैं कितनी खुश हूँ, बता नहीं सकती…. अच्छा….. हमें भी तो पता चले तुम्हारी ख़ुशी का  ?  भाई दूज पर भइया- भाभी दोनों हमारे पास आ रहे हैं, अभी-अभी भाभी का फ़ोन आया था । शादी के बाद मेरी पहली भाई – दूज है । पहले मैंने सोचा था कि हम जाएँगे पर आज … Read more

सच्ची हक़दार – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

अम्मा, करवा चौथ आ रहा है । इस बार मेरे और  दीदी के लिए सूट कब दिलवाओगी?  ले आओ  बहू पर तुमने तो आज तक करवा चौथ पर मेरी तरफ़ से ख़रीदा कोई सूट सिलवाया ही नहीं । तुम अपनी पसंद से लाती हो फिर सारे सूट क्यों जमा कर रही हो ?  सिलवाने का … Read more

शीतल छाया – करुणा मलिक : Moral stories in hindi

पम्मी, कुछ दिनों के लिए इंडिया जाना चाहती हूँ । मेरी टिकट बुक करवा दे पुत्तर । मम्मा, अभी तो मुझे छुट्टी नहीं मिल सकती । फिर बच्चों के पेपर आ जाएँगे । अभी कैसे…… मैं अकेले चली जाऊँगी । कुछ दिन आराम से रहना चाहती हूँ । जल्दी-जल्दी में जाना – आना , मन … Read more

मैं किसी के पचड़े में नहीं पड़ती –  करुणा मलिक : Moral stories in hindi

भाभी, प्लीज़ माँ से बात करो ना कुमुद के बारे में ।  तुम तो जानते ही हो माँ का स्वभाव समीर …. एक तो अनाथ  ऊपर से गरीब , …. माँ बिल्कुल भी नहीं मानेंगी ।  भाभी, आपका ही सहारा है…. करो ना कुछ । भैया को तो बताओ….. फिर माँ से भी बात करने … Read more

कपड़े बदलने पड़ेंगे – करुणा मलिक : Moral stories in hindi

रीमा , चलो बाज़ार घूम आते हैं, सब्ज़ी भी ले आएँगे और इस बहाने मन भी बहल जाएगा । हाँ, आप चले जाइए । मैं तो कहती हूँ कि मंडी चले जाओ । ताज़ी और सस्ती सब्ज़ियाँ तो वहीं मिलती हैं ।  तुम चलो , जो चाहिए, ख़रीद लेना….. ना मैं नहीं । मुझे तो … Read more

उफ़्फ़ पहाड़ी रास्ते – करुणा मलिक : Moral Stories in Hindi

सीमा को पहाड़ों से ख़ास ही लगाव था । जब विवाह तय होने के पंद्रह दिन बाद ही उसे पता चला कि उसके पति अखिल का ट्रांसफ़र हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में हो गया है तो उसकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा । ट्रांसफ़र की खबर सुनते ही मम्मी बोली —-  ले सीमा , अब … Read more

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