ये कैसा बंधन – उमा वर्मा
आज सुबह सुबह खबर मिली कि तुम नहीं रहे ।यह तो होना ही था।कल ही तो बेटे के साथ तुम्हे देखने गयी थी ।बिस्तर पर पड़े असहाय सा मुझे देखते रहे तुम ।पलक भी नहीं झपका रहे थे ।न जाने क्या सोच रहे थे तुम ।पूरे शरीर पर मशीन लगी हुई थी ।डाक्टर ने तो … Read more