यह अन्याय है – सुभद्रा प्रसाद

 ” नीला, मैं जरा सेठ  जी से मिलकर आ रहा हूँ |तबतक तुम कमरे की सफाई ठीक से कर लो और देख लो खाना बनाने के लिए क्या-क्या सामान चाहिए |”अपनी पत्नी से कहते हुए रामू कमरे से बाहर निकल कर हवेली की ओर चल पड़ा | रामू चल तो पडा़, पर उसके कदम न … Read more

मेरे साथ अन्याय क्यों? – अनीता चेची : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : नीरज और नेहा एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे, और शादी करना चाहते थे। परंतु दोनों के घरवाले उनकी शादी के खिलाफ थे इसलिए दोनों ने घर से भाग कर शादी कर ली। दोनों ने शादी तो कर ली परंतु गृहस्थी चलाने के लिए ना तो पैसे थे और … Read more

नया रंग – माता प्रसाद दुबे : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : होली का त्यौहार रंगों की तरह ही रंगीला होता है। अपने पराए का कोई भेदभाव नहीं होता है। फिर भी अपनों के बीच होली का आनंद ही अलग होता है। बस की खिड़की के पास बैठा हुआ प्रकाश कुछ ऐसा ही सोच रहा था। बीते वर्ष की होली में वह … Read more

“संस्कारों की गठरी” – डॉ .अनुपमा श्रीवास्तवा : Moral Stories in Hindi

जैसे ही वह कमरे से निकली माँ  ने एक झनाटेदार थप्पड़ उसके गाल पर जड़ दिया। वह अचानक से पड़े इस थप्पड़ से सहम गई । माँ जी आप ….आपने मुझे थप्पड़ क्यूँ…? “मर्यादा में रहो समझी तुम!” “चलो जाओ अपने कमरे में संस्कारहीन कहीं की “ माँ के गुस्से को देखते हुए सलोनी चुपचाप … Read more

हमारे बच्चे समझदार हो गये है – संगीत अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : सुनिए सारे त्योहार सर पर है और आपने अभी तक मुझे खर्च के पैसे नही दिये कैसे सब काम करूंगी मैं कुछ दिनों मे । आप तो व्यस्त रहने का बहाना कर देते हो बाज़ार जाने के नाम पर !” मीनाक्षी पति के घर आते ही हंस कर बोली। ” … Read more

वनवास – डॉ. पारुल अग्रवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : आर्यन अठारह साल का आकर्षक सा किशोर जिसने अपनी बारहवीं की परीक्षा बहुत अच्छे अंको से पास की थी।आगे की शिक्षा के लिए उसका मन बाहर की यूनिवर्सिटी में जाने का था पर दिल के कोने में कहीं ना कहीं उसको अपनी मां की भी चिंता थी। असल में आर्यन … Read more

झुमका – संध्या त्रिपाठी  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : क्या बात है छोटी , जब से दिल्ली से आई है खोई खोई रहती है अपने आप हँसती है , मुस्कुराती है और बार-बार ये अपने कान के झुमके को क्यों छूकर शरमा जाती है , तू तो खेलने गई थी ना दिल्ली ? कौन सा खेल , खेल के … Read more

मैं प्रायश्चित कर रही हूं – डॉ.विभा कुमरिया शर्मा। : Moral Stories in Hindi

शांति का मन अशांत था और कुछ दिनों से उसकी बेटी की शिकायतें  करके रिश्तेदार उसे  परेशान कर रहे थे । शांति सोच रही थी कि हर रोज बेटी का बे- लगाम होते जाना अच्छा नहीं है । पैदा होते ही मर जाती तो कौन सा घाटा पड़ जाता दुनिया को । जरूरी तो नहीं … Read more

पूरे हुए अरमान – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : अपने हाथों में फोन लिए निशिता की आंखें बहने लगी थी। उसकी आवाज रूंध  गई थी।  वह कुछ बोल ही नहीं पा रही थी। बड़ी मुश्किल से उसने कहा ” बेटा खुश रहो ।”उधर से पूरन उसे फोन कर बार-बार बोल रहा था.. मम्मी तुम ठीक हो ना!”  “बेटा ,मैं … Read more

“मर्यादित रिश्ते” – कविता भड़ाना: Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : चीखने की तेज आवाज़ के साथ कई लोगों की निगाहें उसी ओर उठ गई, एक सुंदर सी महिला ने एक पुरुष को कालर से पकड़ा हुआ था और बेहद गुस्से में बोल रही थी.. “आखिर दिखा ही दिया ना तुमने अपना असली रंग, अपनी बीवी के होते हुए भी अपने … Read more

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