एक बार फिर (भाग 20) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

प्रिया की मुलाकात शेखर से डिनर टाइम में होती है। डिनर के बाद शेखर प्रिया के रूम में आता है जहां ‌प्रिया और उसके बीच बातचीत होती है वो उसे चिढ़ाता है। पर प्रिया के कहने पर वो रुम से बाहर चला जाता है । प्रिया सोचती है वो इस फ्लोर पर नहीं रहेगी अब … Read more

एक बार फिर (भाग 19) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

शेखर की मां अस्पताल से प्रिया को अपने घर ले आती है। अब आगे- प्रिया के मन में अजीब सी कशमकश चल रही थी। उसकी नजरें शेखर को ढूंढ रही थी पर उसे वो कहीं नजर नहीं आया। संकोचवश वो पूछ नहीं पाई। आओ बेटा तुम्हारे लिए रूम तैयार करवा दिया है। वो उनके पीछे … Read more

एक बार फिर (भाग 18) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

पिछले भाग में आपने पढ़ा कि शेखर और प्रिया डिनर के बाद लॉन्ग ड्राइव पर जाते हैं जहां से वापस लौटते हुए कोई उन पर गोली चलाता है जो प्रिया को लगती है। वह उसे हास्पिटल ले जाता है। वहां उसको एडमिट करता है। मीडिया वाले वाधवा मेंशन पहुंच जाते हैं शेखर मीडिया को बयान … Read more

अमानत – आसिफ शेख: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : दोपहर का समय था, बहुत ही सख्त गरमी पड रही थी वातावरण किसी भट्टी की भांति तप रहा था धूप और गरमी के कारण वह घर पर आराम कर रहे थे कि तभी उन के दरवाजे पर दस्तक हुई, वह उठकर दरवाजे की ओर आए। सामने पसीने में भीगी बदहाल … Read more

छल – संगीता अग्रवाल: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  हेल्लो जीजी कैसी है आप ?” देवकी ने अपनी ननद कमला को फोन किया और पूछा ! ” सही हूँ भाभी आप बताओ !” कमला ने संक्षिप्त उत्तर दिया। ” क्या बात है कुछ परेशान लग रही हो सब ठीक तो है ना !” देवकी ने पूछा । ” बस … Read more

तिनके का सहारा: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : ए लल्ला … तू जे फोर्म भर दे मेरा… पैसे निकालने हैं खाते से… एक मैली कुचैली सी साड़ी पहने उलझे हुए बाल एक गरीब औरत बैंक में पास में खड़े सूट बूट पहने एक लड़के से बोली… किसी और से भरवा लो… मेरे पास टाइम नहीं हैं… वो लड़का … Read more

” फूल ही फूल”: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : अनुराधा और अनुरंजन कॉलेज में साथ ही पढ़ते थे ।दोनों के बीच में कब प्यार के बीज का अंकुरण हो गया पता ही नहीं चला। दोनों ने अपनी एजुकेशन पूरी की और अनुराधा प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका बन गई ,और अनुरंजन कॉलेज में खेल प्रशिक्षक । दोनों ने अपने माता … Read more

मतलबी रिश्ते – डाॅ संजु झा: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : सुबह-सुबह विपिन जी की मृत्यु का समाचार  मिला।विपिनजी की मृत्यु कोई आश्चर्यजनक बात नहीं थी।मृत्यु तो शाश्वत सत्य है,परन्तु जिन परिस्थितियों में उनकी मौत हुई, उसने सोचने पर मजबूर कर दिया कि अब माता-पिता के साथ बच्चों के भी रिश्ते मतलबी भर रह गए हैं! विपिन जी को दो बेटियाँ … Read more

अंतिम प्रणाम – पूर्णिमा सोनी : Moral Stories in Hindi

विद्या जी सूनी आंखों से सबको देख रही थी। आज उनके  पति सीताराम जी की तेरहवीं थी। सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त हुए थे। अपने बनाए बड़े से आवास में रहते थे।  लंबे समय से सेवानिवृत्त ही थे।  यूं तो कहने को उसी घर में उनके बेटा बहू,पोता पोती भी रहते थे।  मगर ऐसे कि हर … Read more

मतलब के यार – स्नेह ज्योति: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : बचपन की दोस्ती ताउम्र के लिए होती हैं ऐसा मैंने बहुत सुना था । कर्ण और मैं रमन हम दोनों बचपन से एक साथ पढ़े और बड़े हुए । कहने को करण अमीर ख़ानदान का बेटा था और मैं एक मामूली से टैक्सी ड्राइवर का बेटा था । लेकिन मैं … Read more

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