हार की जीत (भाग 3) – माधुरी बसलस : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :   जब घड़ी ने रात के १२बजाये तब उसकी सास ने कहा ” बेटा रात बहुत हो गई है ,शादी की रस्में निभाते निभाते तू भी थक गई होगी अब सोजा ” लाख अच्छाई के बाबजूद मेरे रमेश मे यही एक ख़राबी है कि खुशी के मौक़े पर एकाद पैग लगा … Read more

हार की जीत  – माधुरी गुप्ता : Moral Stories in Hindi

अपनी माँ कामिनी के घर से वापिस निकलते ही राधा के मन मे विचारों की सुनानी सी आगई,मन मस्तिष्क मे विचारों का ऐसा भयानक बवंडर उठा उसके दिमाग़ ने काम करना बंद कर दिया ।माँ उसके साथ कैसा कर सकती है ? माँ के सिवाय इतनी बड़ी दुनिया मे आख़िर उसका कहने को है ही … Read more

हार की जीत (भाग 1) – माधुरी बसलस : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : अपनी माँ कामिनी के घर से वापिस निकलते ही राधा के मन मे विचारों की सुनानी सी आगई,मन मस्तिष्क मे विचारों का ऐसा भयानक बवंडर उठा उसके दिमाग़ ने काम करना बंद कर दिया ।माँ उसके साथ कैसा कर सकती है ? माँ के सिवाय इतनी बड़ी दुनिया मे आख़िर … Read more

शुरुआत की बात (भाग 2) – लतिका श्रीवास्तव  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : सुबह की चाय तो पल्लवी के लिए भी एकदम जरूरी थी सो वह झटपट चाय बनाने के लिए रसोई की तरफ बढ़ चली अचानक उसे लगा सासू मां भी तो चाय पियेंगी आखिर सुबह से उठी हैं उन्हें भी कितनी देर हो गई है जाते जाते झांक कर पूजा घर … Read more

शुरुआत की बात (भाग 1)- लतिका श्रीवास्तव  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “मां चरणस्पर्श “नई नवेली बहू पल्लवी  सुबह सुबह ही सिर पर आंचल रख शोभाजी के पैरों पर झुकने लगी तो नई नवेली सास शोभा जी ने झटके से अपने पैर हटा लिए…! पल्लवी आधी झुकी सी खड़ी रह गई थी। अभी मेरी पूजा खत्म नहीं हुई है जब तक मैं … Read more

वो अब भी है दिल में! ! (भाग 4)- गीता चौबे “गूँज” : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : एनीवे… आप चाहें तो मैं अपने एक दोस्त का नंबर दे सकता हूँ जो एक मनोवैज्ञानिक है और आपकी उलझनों को लाॅजिकली साॅल्व करने में आपकी मदद करेगा। “ ” आपकी बातें कुछ हद तक सही हो सकती हैं डॉक्टर! बट, वो कार्ड… ये पता… यह कैसे संभव है? “ … Read more

वो अब भी है दिल में! ! (भाग 3)- गीता चौबे “गूँज” : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : ‘शेखर.. कहाँ चले गए तुम अचानक ‘… सुरभि चिल्ला उठी। पागलों की भांति दौड़ दौड़ के चारों तरफ़ खोजने लगी…. पर दूर दूर तक शेखर का कहीं नामोनिशान नहीं था…। थक हार कर सुरभि वापस घर चली आयी। वह बहुत असमंजस में थी कि शेखर अचानक बिना बताए कहाँ चला … Read more

वो अब भी है दिल में! ! (भाग 2)- गीता चौबे “गूँज” : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : सुरभि के पिता खुशी से इतने उतावले थे कि वे उसी वक़्त सुरभि के पास पहुँच कर उसे सरप्राइज देना चाहते थे। वे सुरभि की माँ के साथ खुद ही कार ड्राइव कर चल पड़े। पर होनी को कुछ और ही मंजूर था… एक तीखे मोड़ पर उन्होनें संतुलन खो … Read more

वो अब भी है दिल में! ! (भाग 1)- गीता चौबे “गूँज” : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi :‘ शीतल मंद सुरभि बह बाउ…’ तुलसीदास जी की इस पंक्ति को सुरभि के लब गुनगुना रहे थे जिसे वह साक्षात आत्मसात कर रही थी। बड़ा ही सुहावना मौसम था। सुंदर सुवासित समीर मंद गति से बह रहा था मानो हौले – हौले किसी महबूब की भांति सुरभि के बदन को … Read more

बड़प्पन (भाग 2)- विभा गुप्ता   : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : जब नेहा निखिल की पत्नी बन गई तो अपनी बहन को देवरानी बनाने का सुनीता की इच्छा पर पानी फिर गया।बस उसी बात का गुस्सा वह गाहे-बेगाहे नेहा को जलील करके निकालने लगी।कभी उसपर अपने पैसे का रौब दिखाती तो कभी घर के नौकरों के सामने उसे ‘ छोटे घर … Read more

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