कीचड़ उछालना – डॉ बीना कुण्डलिया
मालती को ससुराल आये दो माह भी नहीं हुए, वो ननद गोमती की किच किच से परेशान हो गई थी। गोमती मुंहफट चालाक, बदचलन, उसकी हमउम्र भाभी मालती जो उसकी आँखों में सदा खटकती रहती। क्योंकि जब से वो घर में आई गोमती की आजादी जैसे छीन सी गई। उनकी दो आँखें सदा गोमती को … Read more