मां के आंसुओं का हिसाब – निमिषा गोस्वामी

शादी के दस बाद हिना को बेटा हुआ । दुनिया भर के ताने सुनने के बाद आज उसे इतनी खुशी मिली कि वह सारी बातें भूल गई बस अपलक अपने बेटे को निहारती रही ।देखा मैंने कहा था न कि एक दिन हमारे आंगन में भी खुशियों के फूल खिलेंगे हिना अपने पति हेमंत का … Read more

तुम सा नहीं देखा भाग – 4 अनु माथुर : Moral Stories in Hindi

अब तक अपने पढ़ा… शौर्य को रघुवीर जी समझते है और इधर यशिका अभिमन्यु से मिलने आती है अब आगे …. अभिमन्यु ने एच .आर. से बात करके वेटर को बुलाया बिल पे करके रेस्टुरेंट के बाहर निकला और अपनी गाड़ी में बैठा ही था कि उसका फोन बजा उसने देखा शौर्य का फोन था … Read more

नई राह – प्रियंका सक्सेना : Moral Stories in Hindi

रामनगर शहर की भीड़भाड़ वाली गलियों में नलिनी जब भी किताबें दबाए निकलती, मोहल्ले में कानाफूसी शुरु हो जाती — “यही है विमल की विधवा!” “विधवा होकर पढ़ाई करने जाएगी ? शर्म नहीं आती इसे ?” “एक महीना नहीं हुआ पति को गुजरे और चल दी मैडम बन-ठन कर। “ लेकिन नलिनी हर आवाज़ को … Read more

फ़ैसला – डॉ पुष्पा सक्सेना : Moral Stories in Hindi

पिछले दो दिनों से अपना कमरा बंद किए पड़ी नीलांजना,  अचानक दरवाजा खोल, बाहर आ खड़ी हुई थी- ”बाबूजी, मैंने फ़ैसला कर लिया है, मैं काजल भाभी का साथ दूंगी। अदालत में उनके पक्ष में गवाही दूंगी।“ नीलांजना की घोषणा से पूरे घर में सन्नाटा खिंच गया । बड़े भइया की मृत्यु पर मातमपुर्सी करने … Read more

कुछ तो लोग कहेंगे – विनीता सिंह :  Moral Stories in Hindi

लखनऊ शहर एक नवाबों का शहर है इसी शहर से दूर एक गांव में ठाकुर सूरजप्रतप सिंह जी की हवेली थी। जो कि पहले जमींदार थे लेकिन जब भारत आजाद हुआ उसके बाद में सब की जमीदारी खत्म हो गई हवेली के बहुत बड़े-बड़े फाटक लेकिन उसके अंदर जो जिंदगी थी उसकी कहानी है। सूरज … Read more

ये गवार औरत मेरी मां है। – दीपा माथुर

शाम का वक्त था। बड़े-बड़े झूमर जल उठे थे और घर में हर ओर हलचल थी। कीर्ति इधर-उधर दौड़ रही थी, कभी किचन में जाती, कभी हॉल में सजावट देखती। गुब्बारे, रंग-बिरंगे पर्दे, फूलों की खुशबू और तरह-तरह के पकवान—सबकुछ मिलकर घर को एक महफ़िल बना रहे थे। आज विभु का जन्मदिन था। उसकी कामयाबी … Read more

मानवता – निमिषा गोस्वामी : Moral Stories in Hindi

आज कई वर्षों के बाद शोभित अपने गांव वापस आया। बी-टेक करने के बाद बैंगलोर में एक कंपनी में जॉब लग जाने के बाद से ही वह बैंगलोर में ही था।बस से उतरकर वह गांव  जाने के लिए टैक्सी का इंतजार करने लगा। कुछ देर बाद टैक्सी उसके पास आकर खड़ी हो गई।अरे शोभित भइया … Read more

विश्वास घात – सरोजनी सक्सेना : Moral Stories in Hindi

रामकृष्ण और हरिकिशन एक छोटे से गांव में रहते हैं। दोनों ही खेत-खलिहान का काम करते हैं। सादा जीवन, उच्च विचार उनके अंदर कूट-कूट कर भरे थे। उनके विचारों से गांव के लोगों को पूर्ण संतुष्टि होती थी, जबकि दोनों किसान भाई अनपढ़ थे। कई बार गांव के लोग उनकी बातों की खिल्ली उड़ाते, परंतु … Read more

” अनजानी राह की ओर ” – डा. सुनील शर्मा : Moral Stories in Hindi

रास्तों पर विश्वास नहीं करना चाहिए. कई बार रास्ते हमें ऐसी जगह ले जाते हैं, जो हमारी मंज़िल नहीं.कभी कभी ऐसे दोराहे पर छोड़ देते हैं जहां राह चुनना बहुत मुश्किल हो जाता है.  यदि मंज़िल पर पहुंचना है तो रास्ता खुद चुनो.  अंकिता ने कुछ ऐसा ही किया. कस्बे की ज़िंदगी छोड़ कर उसने … Read more

वीरांगना – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi

मैंने जब एल० एल० बी ० करके काला कोट पहना था तभी अपने आप के समक्ष एक सौगन्ध ली थी जिसके अन्तर्गत मैं साल में कम से कम दो केस उन गरीब महिला अपराधियों का बिना पैसा लिये लडूंगी जिनका केस लड़ने वाला कोई नहीं होता है। सबूतों और पैरवी के अभाव में उन्हें सजा … Read more

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