अपना अपना दायित्व – निशा जैन : Moral stories in hindi

मां जी अब आप ही समझाइए अपनी प्यारी पोत बहु को , शादी हुए पूरा महीना हो गया  पर घर के तौर तरीके सीखी नही अभी तक। रोज़ रोज़ टोकना मुझे अच्छा नहीं लगता। कितनी बार कह चुकी हूं  सुबह जल्दी उठा कर, साड़ी पहन लिया करो , अच्छे से तैयार होकर रहा करो , … Read more

जो मेरे साथ हुआ….. रश्मि झा मिश्रा   : Moral stories in hindi

नेहा के पापा सरकारी महकमे में.. उच्च पदस्थ अधिकारी थे… उनका घर.. लेकिन किसी बड़े शहर में न होकर… एक छोटे कस्बे में था… जहां उच्च शिक्षा की… बेहतर सुविधाएं.. उपलब्ध नहीं थी….। अपनी 12वीं की परीक्षा संपन्न करने के बाद.. आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए… नेहा को घर से हॉस्टल भेजना पड़ा…! … Read more

समझदार सास – माधुरी गुप्ता  : Moral stories in hindi

रिचा ओ रिचा कहां हो,की गुहार लगाता रिषि जव घर में घुसा तो उसकी मां ने कहा, क्या बात है क्यों जान हलकान कर रहा है रिचा के लिए। और तू आज ऑफिस से जल्दी कैसे आ गया?तेरी तबियत तो ठीक है न? नहीं मां मेरी तबियत एकदम ठीक है परन्तु रिचा कहीं दिखाई नही … Read more

सोया जमीर – शिव कुमारी शुक्ला    : Moral stories in hindi

आज सुबह मेघा की आँख देर से खुली कारण रात उसे नींद नहीं आई थी सो सुबह के समय आँख लग गई जैसे ही वह कमरे से बाहर आई उसकी सास सुधा जी चिल्ला रहीं थीं । महारानी अभी तक  सो रही हैं। आज चाय मिलने का  भी ठिकाना नहीं है। कब से इन्तजार कर … Read more

ससुराल मे हो सास का साथ तो बन जाये बात – संगीता अग्रवाल   : Moral stories in hindi

” बहू क्या बात है इतना परेशान क्यो हो ?” स्वाति जल्दी जल्दी रसोई के काम निपटा रही थी तभी उसकी सास ममता जी ने पूछा। ” माँ चेरी को रात से तेज बुखार है !” स्वाति बोली। ” ओह्ह ! दवाई दी ?” ममता जी ने पूछा। ” माँ दवाई खत्म हो गई मैने … Read more

जो मेरे साथ हुआ वो तुम्हारे साथ नहीं होगा… – मीनाक्षी सिंह   : Moral stories in hindi

मम्मी जी…. इतनी जल्दी जल्दी मुझे कहां लेकर जा रही है ???  बहू सविता चंडी बनी सास ज़मुनी  से बोली……  आज मैं करके रहूँगी जो सोची हूँ…. बहुत सह लिया  अत्याचार तूने बच्ची………..  सास कसके बहू का हाथ पकड़े पुलिस थाने आ गयी…..  ये तो थाना है माँजी…. आप ठीक तो है ???  कहां ले … Read more

भीगी हथेली – बालेश्वर गुप्ता    : Moral stories in hindi

 बापू कल से मैं भी तुम्हारे साथ ही मजदूरी करने चला करूँगा,अब तो मैं बड़ा हो गया हूँ।        अरे कहाँ बड़ा हो गया है,अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे। मजदूरी को हम जाते हैं ना। कहते कहते शंकर अपने अतीत में खो गया,उसे याद आ रहा था कि वह तो स्कूल जाना चाहता था पर उसके … Read more

चाभियों का गुच्छा – रश्मि प्रकाश    : Moral stories in hindi

“ ये क्या कर रही है सुनंदा बहू… बहू के आते ही घर की ज़िम्मेदारियों से पल्ला झाड़ने की बड़ी जल्दी है तुम्हें जो अपनी तिजोरी की चाभियों का गुच्छा बहू को सौंप रही है… अरे जो मेरे साथ हुआ वो तुम्हारे साथ नहीं होगा … समझी तुम ।”चाची सास की धीमी मगर मज़बूत आवाज़ … Read more

घर की मिठास (अंतिम भाग) – लतिका श्रीवास्तव: hindi stories with moral

hindi stories with moral : कल पापा का जन्मदिन है याद है ना आज क्या क्या करना है अरुण वीना को याद दिला रहा था गुलदस्ता कहां है!! अरे भैया मैने तो फूलों का गुलदस्ता नहीं पूरी ये माला ही बना ली है आइए दिखाती हूं आपको कहती वीना अत्यधिक उत्साह से उसका हाथ पकड़ … Read more

दायित्व – वीणा कुमारी : Moral stories in hindi

सब कुछ बिखर चुका था नीरजा की जिन्दगी में। तरुण के जाने के साथ ही सबने उसकी तरफ से आँखें फेर ली थी। ऐसा लग रहा था जैसे कोई उसे जानता ही नहीं हो जिनके लिए उसने अपनी खुशियाँ कुर्बान कर दी थी। नीरजा की जिन्दगी से सारे रंग धूमिल हो गए थे। बच्चों के … Read more

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