तुम पर सिर्फ मेरा अधिकार है…. रश्मि झा मिश्रा : Moral stories in hindi

मोनू भाग कर दादी के पीछे छुप गया…” दादी बचा लीजिए.. दादी बचा लीजिए…! पीछे से सिया गुस्से मे आई तो मोनू डरते हुए बोला…” दादी प्लीज दादी.. मम्मी से बचा लीजिए…!” दादी उसे समेट कर आगे ले आई.. फिर हंसते हुए बोली…” पर हुआ क्या.. यह तो बताओ..!”  सिया खीझ कर बोली..” एक भी … Read more

कभी कभी प्यार और सम्मान अलग रहकर बेहतर व्यक्त किया जा सकता है – निशा जैन : Moral stories in hindi

समीरा मैने तुमसे कितनी बार कहा है तुम पर सिर्फ मेरा अधिकार है फिर तुम अपने घरवालों से बार बार सलाह क्यों लेती हो कि नौकरी करूं या नही करूं।  मैने बोला ना तुम्हे नौकरी की कोई जरूरत नहीं है। बच्चे बड़े हो रहे हैं अब इन्हें सम्हालो पर सृजन बच्चे और घर सब आराम … Read more

परिणीति – बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi

देखो अम्बर मैंने तुम्हें अपना सर्वस्व सौंपा है,अब मेरे पास कुछ भी नही।तुम मुझे धोखा नही दे सकते,तुम पर मेरा ही हक है।       मैं कब मना कर रहा हूँ,मुझ पर तुम्हारा ही तो हक है,तुम बताओ माँ की जिद और छोटी बहन की शादी में अड़चन न आने पावे के कारण माँ मेरी शादी करने … Read more

बहरी अम्मा – हेमलता गुप्ता: Moral stories in hindi

वह जन्म से बहरी नहीं थी, किंतु असमय बेटे बहू की मृत्यु के पश्चात मानसिक रूप से कमजोर होने के साथ ही सुनने की क्षमता भी चली गई थी! दिनभर घर के बाहर चारपाई डाले बैठी रहती, सड़क पर आने जाने वालों को देखकर मन बहलता रहता! कभी-कभी शैतान बच्चे उसे बहरी अम्मा कहकर चिढ़ाते … Read more

चालक पति – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ क्या हुआ नैना … गाल फुला कर क्यों बैठी हो… कब से कह रहा हूँ सुनो सुनो … तुम सुनने का नाम ही नहीं ले रही हो…।”मोहित ने गाल फुलाए बैठी नैना से कहा  “ देखो मोहित… बहुत दिनों से देख रही हूँ… लगा गलती हो गई होगी कोई बात नहीं है ….बर्दाश्त कर … Read more

दायित्व अपना-अपना – सुभद्रा प्रसाद: Moral stories in hindi

आदित्य ने आफिस से आकर अपना बैग टेबल पर रखा तो उसकी निगाह फिर उस लिफाफे पर पड़ गई, जो उसे परसों मिला था  | यह लिफाफा उसके पिता ने उसे भेजा था और आदित्य ने उसे बिना खोले ही रख दिया था | वही, पिताजी ने उसे भारत आने के लिए लिखा होगा ,उसने … Read more

सौतेला कौन ? – संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

माही की नजर बार बार घड़ी की और जाती वो बेचैनी से दरवाजे तक जाती फिर वापिस सोफे पर आ बैठ जाती। उसके  बेटे उज्जवल को कॉलेज से आने में देर जो हो गई थी तो एक मां का बैचैन होना स्वभाविक था। तभी उज्जवल आता दिखा और उसकी जान में जान आई…! ” बेटा … Read more

मध्यमवर्गीय परिवार-निषिद्ध प्रेम – शुभ्रा बैनर्जी : Moral stories in hindi

उम्र में बहुत छोटा था वह,पर ज़िंदगी का तजुर्बा बहुत ज्यादा।लेखनी में जादू,आवाज में गंभीरता और स्वभाव से बहुत गंभीर।शिखा से उसकी मुलाकात एक इंटरव्यू के दौरान हुई थी।हर विषय में असाधारण पकड़ थी उसकी।शिखा अपने बुलावे का इंतज़ार कर रही थी।एक -एक करके सभी उम्मीदवार शिक्षक निर्णायक कक्ष में जा रहे थे,और कुछ मिनटों … Read more

पुन्नु – डा. इरफाना बेगम: Moral stories in hindi

बैलों के जोडे मेला से खरीद कर आये थे। सभी लोग काफी उत्साहित से थे। जैसे ही बैलों वाली गाडी खोली गई बैलों के साथ उस गाडी में से एक काला सा छः फुट से भी लम्बा तडंगा व्यक्ति दिखाई दिया। बडे बडे बाल लाल आखे शरीर पर नाममात्र के भी कपडे नहीं थे। पूरा … Read more

जैसे को तैसा – संध्या त्रिपाठी : Moral stories in hindi

   लाजो जी थोड़ा बहुत काम में आप भी हाथ बंटाया कीजिए बहू श्वेता के….. इससे आपका स्वास्थ्य ठीक रहेगा आप एक्टिव भी रहेंगी और श्वेता की काम में मदद भी हो जायेगी…! बजरंगी प्रसाद जी ने पत्नी लाजो जी को समझाने की कोशिश की…।           देखिए जी अब मुझसे काम धाम नहीं होता… हड्डियों में दर्द … Read more

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