बेटी को ब्याह काम ख़त्म करो – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

आज रमोला के चेहरे को देख कर गगन खीझ कर रह गया था…उसका जी कर रहा था दो चार थप्पड़ अपनी पत्नी के गालों पर जड़ दे.. पर माँ की सीख याद कर मन मसोस कर रह गया…. “बेटा हमेशा स्त्री की सम्मान करना.. हाथ उठाना मर्दानगी नहीं अपितु वो मर्द की कमजोरी को दर्शाता … Read more

अब भी मैं अपनी नहीं – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

मालती पिछले तीस सालों से ससुराल में अपनी जिम्मेदारियां निभाती आ रही थी।वह लगभग भूल चुकी थी कि यह उसकी ससुराल है।ननदों की शादी, लकवाग्रस्त ससुर की दस साल सेवा,पति और बच्चों की देखभाल करते-करते बहुत साल गुज़र गए।ख़ुद उसकी उम्र पचास पार कर चुकी थी। सास -ससुर को अकेले छोड़कर पति और बच्चों के … Read more

विनम्र सफलता – डॉक्टर संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“अरे सुना!मिसेज बंसल के बेटे आयुष ने टॉप किया है…” शोभित ने कहा तो मानसी के हाथ से चाय छलकते बची। “आयुष ने टॉप किया है?क्या नीचे से?” वो हंसी। “मजाक नहीं बिलकुल सच कह रहा हूं,अभी मिली थीं वो रास्ते में,तभी उन्होंने खुद बताया।” “अच्छा!!”,मानसी सोच में पड़ गई,वो तो बिलकुल सामान्य बच्चा था,कभी … Read more

जीवन का सवेरा (भाग -12 ) – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi

“सॉरी रोहित.. मैं भी तो खुद से भागने के चक्कर में खुद को खत्म करना चाहती थी। ऐसे तो कभी किसी समस्या का समाधान ना निकले। सामने से समस्या को फेस नहीं करना, ये तो खुद की समस्या को बढ़ाना ही है। अब तो सबको बताती हूँ खुद से भागने से बेहतर है खुद को … Read more

जीवन का सवेरा (भाग -11 ) – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi

दादी उस वाकये ने मेरी सोच और जीवन का ध्येय बदल दिया। उस समय मेरे मन में एक ही विचार था कि इस बच्ची को तो उसके माता-पिता मिल गए हैं, लेकिन कई ऐसे बच्चे हैं, जिनका कोई नहीं है। उनके लिए क्यों ना जीवन जिया जाए! मेरे पास पैसे की या रहने की कोई … Read more

ग़ुरूर – संध्या सिन्हा : Moral Stories in Hindi

“हेलो मैम! ऑर यू अपेक्षा मॉम???” “एस! पायलट” “अपेक्षा इस माई को-पायलट। शी इस वेरी नाइस एंड गुड पर्सन।” “ओह! हाय! हाउ ऑर यू??” “फ़ाइन। यू लुक लाइक अपेक्षा!” “एस! बट शी लुक लाइक मी या मी लाइक अपेक्षा??” कहने को तो अपेक्षा की माँ ने कह दिया कि- “अपेक्षा मेरी जैसी है या मैं( … Read more

अर्पिता का अर्पण – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

 देखो बेटा जिससे तुम शादी करना चाहते हो वह न तो हमारी बिरादरी की है,न हमारे प्रदेश की।और तो और उसकी भाषा भी हमारी हिंदी नही है।रीति रिवाज सब अलग।कैसे परिवार में एडजस्ट हो पायेगी, अरे परिवार की भी छोड़ तेरे साथ ही कैसे निभेगी?        ऐसा कुछ भी नही माँ, एक बार अर्पिता से मिल … Read more

अंतिम सांस – दिक्षा बागदरे : Moral Stories in Hindi

आज सुबह से ही घर में बहुत ही कलह पूर्ण वातावरण बना हुआ है। सिया का सर बहुत भारी हो रहा था। मन में बहुत से  वैचारिक उतार-चढ़ाव चल रहे थे।  15 वर्ष पूर्व सिया का अंतर्जातीय प्रेम विवाह हुआ था यश के साथ।   यश और सिया दोनों ही जानते थे कि इस विवाह को … Read more

सासू माँ आप मुझे बेटी बनाकर लायी थीं लेकिन बहू का हक भी नहीं दिया – खुशी प्रजापति : Moral Stories in Hindi

सुमन हर कार्य में निपुण लड़की थी। वह सुन्दर एवं सुशील थी। वह खेती से लेकर रसोई तक का सारा काम करना जानती थी। उसे बचपन से ही ऊँचे ख्वाव देखना पसन्द था,  लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण वह उन्हें पूरा न कर सकी। उसकी उम्र अब 19 वर्ष की हो गई थी। घरवालों ने … Read more

तलाक की भविष्यवाणी – नेकराम : Moral Stories in Hindi

मुझे तलाक चाहिए मैं अपने पति अजय के साथ नहीं रहना चाहती उमा ने मायके आकर यह बात अपनी मां और पिताजी को बताई मां ने अपनी बेटी उमा की बात सुनकर कहा तेरी शादी को 3 साल हो चुके हैं तेरी गोद में 2 वर्ष का बेटा और एक बर्ष की बेटी भी है … Read more

error: Content is protected !!