कीचड़ उछालना – डोली पाठक
रिटायरमेंट के बाद नर्मदेश्वर जी पत्नी समेत अपने पैतृक गांव में आकर बस गए… अपनी जिंदगी के लगभग आधे से अधिक दिन उन्होंने शहरी परिवेश में बिताया था अतः गांव के माहौल में उन्हें बड़ी समस्या होती थी… मसलन बिजली, पानी… नर्मदेश्वर जी को कभी-कभी वो सारे काम भी बेहद खटकते थे जो उन्होंने किए … Read more