इतना अभिमान ठीक नहीं – आराधना श्रीवास्तव
शैलजा बस 19 वर्ष की थी जब रमैया की दुल्हन बनकर आई थी । रमैया सीधा-साधा ग्रामीण अंचल में पला- बढा प्रकृति को ही अपना इष्ट देव मानता और खेतों में लहलहाते फसलों को अन्नदाता । जी तोड़ मेहनत करता। मेहनत तो उसके रंग रंग में बसा था खेती -बाड़ी तथा बीजों का ज्ञान उसे … Read more