रिश्तो के रंग – मधु वशिष्ठ
डोर बेल बजने पर दरवाजा खुला तो सामने मिसेस भसीन को मुस्कुराते हुए खड़ा पाया। उन्हें अंदर आने को कहा तो झट से बोली ,नहीं बहन जी ,आप तो हमारे घर आती नहीं ,मैं भी आपके घर नहीं आऊंगी। अरे भाई ,अगर नहीं आना था तो डोर बैल क्यों बजाई ?मन मन में ही कहते … Read more