कुछ करिए – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

नहीं मैने नहीं फेंका यह कचरा मुझे क्या पता किसने फेका है क्या मैं किसी खोजी विभाग में नौकरी करता हूं.. आप लोग भी ज्यादा करमचंद जासूस बनने की कोशिश मत कीजिए वरना मुझसे बुरा कोई ना होगा कहे देता हूं… हमेशा की तरह बांह चढ़ाता शिवदयाल सबको परास्त किए दे रहा था। मॉर्निंग वॉक … Read more

सम्मान – बिंदेश्वरी त्यागी : Moral Stories in Hindi

सुहाग सेज पर बैठी नेहा सुनहरे सपने देख रही थी और पति के आने का इंतजार भी कर रही थी l बाहर मेहमानों की चहल-पहल थी l थोड़ी देर बाद बाहर शांत माहौल होने पर उसका पति नीरज कमरे में आता है l नीरज नेहा का घूंघट उठा कर उसका चेहरा देखते ही रह जाता … Read more

*बयार* – मधुलता पारे : Moral Stories in Hindi

विद्याजी ने अचानक दीवार घडी की ओर देखा सबेरे के 8.30 बज रहे थे उन्हें ड्राइंगरूम में बैठे हुए लगभग एकघंटा हो गया था रविवार का दिन था इसीलिए अभी तक कोई भी सोकर नहीं उठा था ना बेटा यश ना बहू रीना ना नन्हा चार वर्ष का पौत्र अर्णव। पांच वर्ष पूर्व विद्यादेवी गांव … Read more

दरकते रिश्ते – पूनम भटनागर : Moral Stories in Hindi

   ईका और अनिमा दोनों अच्छी बहने है। ईका अनिमा की दूर की रिश्ते में भाभी की बेटी है। दोनों एक ही मोहल्ले में रहतीं हैं। दोनों इकट्ठे ही पढ़ने जाती हैं। बाकी का दिन का हिस्सा भी इकठ्ठे ही बितातीं। कभी ईका अनिमा के घर तो , कभी अनिमा ईका के साथ मार्केट गयी होती। … Read more

*ठकुराई* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

      ठाकुर बलबीर सिंह जी के साथ समस्या ये थी कि उनकी जमीदारी तो चली गयी थी,पर ठकुराई को उन्होंने अपने जेहन से जाने नही दिया था।जमीदारी वाला रुतबा वे रखना चाहते थे।समय परिवर्तन की आहट को सुनने की चेष्टा तक नही कर पा रहे थे।वे यह भी समझने को तैयार नही थे कि आधुनिक बयार … Read more

मां बाप की दुआओं में भगवान के आशीर्वाद से भी बड़ी शक्ति है! – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

सीखा कहा हो ? जल्दी करो मंदिर जाना है ,लेट हो जायेगा | हा कर तो रही हो शिखर ,सुबह बहुत काम हो जाता है  | थोड़ा  बहुत तुम भी कर लेते तो टाइम से सब हो जाता |  शिखर मंदिर के लिए निकल गया | वहां पहुंच पूजा पाठ हवन सब  कुछ किया बहुत … Read more

मां तुमने ये खाना कैसे खा लिया! – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

” क्या मां,आज आपने फिर ये दाल बना दी…. मुझे नहीं खाना ये खाना … ,, गुस्से में प्लेट सरकाते हुए कुशाल चिल्लाया। ” बेटा, दाल खाना अच्छा होता है । आज मैंने अच्छा सा तड़का भी लगाया है तू चख कर तो देख। ,, गीत मनुहार करते हुए बोली। “नहीं मां, मैं बिलकुल नहीं … Read more

नया मैनेजर – नेकराम : Moral Stories in Hindi

किशनलाल को बैंक में चपरासी की नौकरी करते हुए 14 साल बीत चुके थे बैंक का ताला खोलना और लगाना उसी का काम था लेकिन आज उसका मन बहुत घबरा रहा था अभी तक तो सब ठीक चल रहा था  अब न जाने क्या होगा आगे वह कुर्सी पर बैठे-बैठे एक गहरी सोच में डूबा … Read more

हैप्पी मेन्स डे पापा – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

गर्वित ने अपना बचपन कभी खुलकर जिया ही नहीं।एक कारपेंटर थे उसके पापा। फर्नीचर की दुकान पर दिन रात काम करते और मालिक के स्टोर रूम में बीवी -बेटे के साथ रहते थे वे। हांथ में सफाई का हुनर दिया था भगवान ने।मालिक के घर में भी तीन बच्चे थे।बेटा गर्वित से दो साल बड़ा … Read more

भाग्यशाली से भाग्यहीन – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

         जबलपुर में रहते हुए मुझे चार महीने हो रहे थे, इस बीच आसपास रहने वालों से मेरी अच्छी-खासी पहचान भी हो गई थी।उन सबके घर भी आना-जाना हुआ।उसी मोहल्ले में एक बड़ी कोठी भी थी जिसकी बनावट तो पुरानी थी लेकिन साज-सजावट ऐसी कि बरबस ही लोगों का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट कर ले। मैंने … Read more

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