*बबूल का पेड़* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi A

   हैलो-हैलो-मैं कुसुम बोल रही हूं।    हाँ-हाँ, बहन जी मैं रमेश हूं, क्या बात है,आप बड़ी घबराई प्रतीत हो रही हैं?        भाईसाहब आप तुरंत आ जाइये,वीरेंद्र जी को शायद हार्ट अटैक आया है,उन्हें होस्पिटल लेकर जाना है।           रमेश जी तुरंत ही अपनी कार निकाल कर बाहर खड़ी की,और पड़ोस में ही रहने वाले वीरेंद्र जी के … Read more

चोट – बिना शर्मा : Moral Stories in Hindi

“जब देखो मुझसे बाहर चलने के लिए कहते रहते हो मैंने कहा ना बेटे की शादी से तो मैं फारिग हो गई बस बेटी की शादी और हो जाए उसके बाद मैं आपके साथ फुर्सत से घूमने जाऊंगी” कौशल्या ने अपने पति किशोर से कहा तो किशोर मुस्कुराते हुए बोले “भाग्यवान मुझे तुम्हारी यही बात … Read more

“पश्चाताप” – सुनीता माथुर : Moral Stories in Hindi

अंश तुम मेरा कल ट्रेन का टिकट करवा दो सुना तुमने,   मैं शाजापुर अपने घर जाना चाह रही हूं यह कहकर राधिका जल्दी-जल्दी अपना सामान पैक करने लगी अंश बोला मां आप अकेली क्या करोगी , नहीं बेटा मैं अब अपना अपमान नहीं सह सकती तुम्हारी बहू सुष्मिता मुझे बात-बात पर ताने मारती है … Read more

पछतावे के आंसू – सुनीता मुखर्जी “श्रुति” : Moral Stories in HindiA

प्रणव जी रिटायर्ड प्रिंसिपल एवं कावेरी जी भूगोल की प्रोफेसर थी। अपने इकलौते पुत्र रुद्र की नौकरी लगने के बाद रुद्र के विवाह के सपने सजाने लगी। उन्हें एक बेटी की बहुत चाहत थी लेकिन वह मंशा पूरी न हो सकी।  सोचा बेटे के विवाह के उपरान्त बेटी की इच्छा भी पूरी हो जाएगी। बहू … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

# अपना पराया – दीपा माथुर नागफनी आज दूब से अकड़ कर बोली ;” मुझे लोग शोक  से सजाते है। तुम्हारी तरह बाहर पटक कर नहीं रखते नम्रता की मूरत बनी फिरती हो? जोर से झटक कर बोली” हु” दूब मुस्कुरा कर कहने लगी ;” बहन मैं अपना पराया नहीं जानती जो मेरे पास आता … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

अहंकार – अविनाश स आठल्ये  खुल्ल.. खुल्ल… खुल्ल  अपने मित्र राहुल की बारात में आया वह हैंडसम युवक अपनी खाँसी से इतना परेशान था कि ठीक से सांस भी नहीं ले पा रहा था। उसे परेशान देखकर, राहुल के मामाजी वैध  आलोक प्रसाद ने कहा, बेटा मैं तुम्हें कल से देख रहा हूँ, तुम खाँसी … Read more

*निकृष्टता* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

     वोव-अंकल,आप इस उम्र में भी बड़े हैंडसम लगते हैं।ये नीला सूट अंकल आप पर खूब फब रहा है।       थैंक्यू, बेटा, बैठो प्राची बस आने ही वाली होगी।चाय साय तो चलेगी।       चलेगी-अरे अंकल दौड़ेगी।कहकर सोनम जोर से हंस पड़ी          मुकेश जी ने एक धौल सोनम की पीठ पर जमा कर कहा-हां हाँ बैठ तो।          मुकेश जी … Read more

सास से प्यार भरा रिश्ता – शिव कुमारी शुक्ला : Moral Stories in Hindi

अरे माला तू यहां कैसे माल में घूमते हुए जैसे ही रूपा की नजर माला पर पड़ी वह चहक कर बोली और दोनों गले लग गईं ।माला बोली अभी अभी छः माह पहले ही मेरे पति का स्थानांतरण यहां हुआ है। चल आज मैं जल्दी में हूं फोन नंबर दे और मैं अपना भेजतीं हूं।कल … Read more

नीयति का खेल – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi A

    अबोध तीन वर्षीय अनिकेत समझ ही नही पा रहा था,कि उसके साथ ये क्यों हो रहा है?पापा बोले थे कि अन्नू देख ये तेरी नयी मम्मी।मम्मी शब्द सुन अन्नू चौंका, उसे लगा मम्मी आ गयी,पर ये तो कोई और है,इसीलिये उसमें कोई उत्साह नही हुआ।पापा ने अन्नू को फिर समझाया, बेटा पहले वाली मम्मी तो … Read more

नीयत खोटी तो इज़्जत कैसी! – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi S

   ” खाना रखा है…ठूँस लो…।” टेबल पर थाली पटकती हुई शारदा बोली तो उसके जेठ धीरे-से बोले,” शारदा..मैं तुम्हारे पति का बड़ा भाई हूँ..इतना तो लिहाज़ करो…।”    ” जानती हूँ लेकिन लिहाज़ करने वाला कर्म किये होते तो ज़रूर आपको सिर पर बिठाती मगर आप तो…।” आँखें तरेरती हुई शारदा ने बिस्तर पर पड़े बासठ … Read more

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