खामोशी की गूंज – हेमलता गुप्ता
सुबह के 6:30 बज रहे थे। अलार्म की आवाज़ से नहीं, बल्कि रसोई में बर्तनों के पटकने की तेज़ आवाज़ से 65 वर्षीय सुमेधा देवी की आँख खुली। उनके सिर में हल्का भारीपन था। कल रात ब्लड प्रेशर थोड़ा बढ़ा हुआ था, इसलिए नींद देर से आई थी। अभी उन्होंने करवट बदली ही थी कि … Read more