मैंने अपना फर्ज़ निभाया – सुनीता परसाई’चारु’ 

डा.आरव आर्थोपेडिक थे। उनकी पत्नी नैना ने गणित में एम. एस. सी. किया था । कालेज में लेक्चरर थी। शादी के दो साल बाद ही आपसी विचारों के मतभेद के कारण प्रतिदिन वाकयुद्ध दोनों  के बीच चलता रहता था। एक दिन गुस्से में आरव ने उस पर हाथ उठा दिया। नैना की सहनशक्ति जवाब दे … Read more

दिखावटी रिश्ता – मनीषा सिंह

प्रिया पाठकों आज जो मैं आपके साथ शेयर करने जा रही हूं•• ये हर घर की•• घर-घर की कहानी है।  फर्क सिर्फ इतना है कि इस कहानी में देवरानी का रोल प्ले अच्छा है  परंतु कई बार जेठानियां सही होती हैं और देवरानियां विलेन•• या यूं कहें कि जीसको घर की प्रॉपर्टी खाने की आदत … Read more

रिश्ते सहेजना – लतिका श्रीवास्तव 

अभी ठीक से नींद खुली भी ना थी कि तेज तेज आवाजों ने सुरभि को जगा दिया। थकावट इतनी थी कि पोर पोर लहक़ रहा था।आंखों की पलकें तो खुल कर भी खुलने में असमर्थ थीं।बोझिल माथा दर्द के बोझ कराह रहा था। शादी की धूमधाम अभी खत्म भी कहां हुई है।फिर भी शादी समारोह … Read more

हिम्मत – स्नेह ज्योति 

सुबह-सुबह सूरज़ की किरणों से अंधियारा ज़रुर छँट जाता है…..  लेकिन आत्मा पर छाया अंधियारा शायद इस रोशनी में ऑर गहरा होता जाता है । जहाँ ठंड के मौसम में पक्षी अपनी मधुर ध्वनि में चहचहा रहे थे । वहीं भीनी-भीनी धूप झरोखों से झाँक मेरे पैरों को गरमाहट दे ना उठने का बहाना बनी … Read more

मैंने अपना फर्ज़ निभाया है। – मधु वशिष्ठ

मैंने अपना फर्ज़ निभाया है और मैं किसी के प्रति भी जवाबदेह नहीं हूं। मुझे नहीं लगता तुम्हें भी इस विषय में कुछ अधिक सोचना चाहिए मानसी ने अपने पति मनन को  झिड़कते हुए कहा। 88 वर्ष की माताजी की मृत्यु के बाद आज 13वीं की क्रिया रसम का समापन हुआ और मनन और मानसी … Read more

दिखावटी रिश्ता – सुदर्शन सचदेवा

पॉश इलाक़े में आज भीड़ कुछ ज़्यादा थी। विशाल और तन्वी की “वेडिंग एनिवर्सरी पार्टी” थी — इंस्टाग्राम पर  क्या जोड़ी है और ट्रेंड कर रहे थे। हर कोई उनकी मुस्कुराती तस्वीरें शेयर कर रहा था। तन्वी लाल रंग की डिजाइनर ड्रेस में कैमरे की ओर मुस्कुरा रही थी, और विशाल उसके कंधे पर हाथ … Read more

दिखावटी रिश्ता – प्राची गोयल गुप्ता

अक्टूबर की हल्की ठंडी ठंडी हवा में सारी औरतें सजी-धजी चांद का इतंज़ार कर रही थी।या यूं कह लो…. धरती का चांद आज आकाश के चांद का इंतजार कर रहा था! “चांद लगता है आज आसानी से नही निकलने वाला …??” निशि ने गुमसुम बैठी मधु से कहा! “हम्म…”,मधु ने बस इतना ही कहा! “कैसे … Read more

कलह से बचें ,प्यार फैलाएं – कमलेश आहूजा

दीपावली का पर्व था, जहां सारा जग खुशियां मना रहा था वहीं रोहन बेचारा उदास सा बैठा अपने कमरे में टीवी देख रहा।उसने सोचा था,शादी के बाद की इस पहली दिवाली को वो नेहा संग धूमधाम से मनाएगा पर रमा ने जैसे उसकी खुशियों पर पानी फेर दिया।बेटे की खुशियों को नजरंदाज करते हुए रमा … Read more

मैंने अपना फर्ज  निभाया। – मधुलता पारे

         राशि का गजानन  बाबू से कोई खास  परिचय  नहीं था कभी आमने सामने की उसकी उनसे भेंट भी नहीं हुई  थी केवल एक बार उन्हें दूर से देखा भर था घर के धुले पैजामें कुरते में  जिसकी सफेदी में हल्के पीलेपन की झलक दिखाई  दे रही थी एक शख्स  दूर अकेला खड़ा था राशि की … Read more

समस्या से बचना समझदारी नहीं है – लतिका पल्लवी

“जहाँ सुमति तहाँ सम्पति नाना, जहाँ कुमती तहाँ विपत्ति निधाना” तुलसीदास की यह वाणी मृदुला के जीवन पर एकदम सही बैठती है। मृदुला की शादी के मुश्किल से तीन माह भी नहीं हुए थे पर उसनें अपने व्यवहार से पुरे घर को परेशान कर रखा था। तंग आकर उसके पति नें एक दिन उससे कहा … Read more

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