भाई जैसा मित्र नहीं – विधि जैन 

गुड़िया तीन बहने तीनों बहनों में सबसे छोटी गुड़िया थी दोनों की शादी बहुत अच्छे घर में हुई थी । गुड़िया की शादी मीडियम परिवार में हुई थी परिवार में देवर देवरानी और ननद ननद अपनी पढ़ाई कर रही थी।  गुड़िया हमेशा अपने काम में परफेक्ट रहती थी लेकिन फिर भी उसकी सास उसके प्रति … Read more

‘अनमोल खजाना ‘ – सुमन 

छोटे बच्चों ने रामदास को झक झोरते हुए कहा_बाबा आप इतने परेशान क्यों हैं? बयोवृदध रामदास ने अपने 8 वर्षीय पोते के कोमल हाथों को पकड़ कर चूम  लिया और उसे आलिंगन में लेकर बोले’अरे बाबू हम कहां परेशान हैं,, तुम्हारे रहते हमें क्या दुख? उस बालक को क्या बताते कि उसके पिता की शादी … Read more

“यह घर मेरा भी है | एक बहू की आत्मसम्मान की कहानी” – डॉ पारुल अग्रवाल 

जब जेठानी ने देवरानी की गैर मौजूदगी में.. उसके कमरे पर कब्जा कर लिया |  ऑटो रिक्शा की आवाज़ के साथ ही सुमेधा ने चैन की साँस ली। पिछले एक महीने से वह अपने मायके में थी, जहाँ उसकी माँ की बाईपास सर्जरी हुई थी। अस्पताल के चक्कर, रातों का जगना और घर की ज़िम्मेदारी—इन … Read more

बहु तुम्हारी ननद ही तो ले गई है तुम्हारी साड़ी, कोई गैर नहीं.. – निभा राजीव

बहु तुम्हारी ननद ही तो ले गई है तुम्हारी साड़ी, कोई गैर नहीं.. कमरे में फैली मिट्टी की सोंधी खुशबू और फैब्रिक कलर्स की महक रोली के लिए किसी इत्र से कम नहीं थी। वह पिछले पंद्रह दिनों से तसर सिल्क की उस साड़ी पर बारीक मधुबनी पेंटिंग कर रही थी। यह केवल एक साड़ी … Read more

“एक ही घर में दो नियम क्यों?” – संगीता अग्रवाल

दोपहर के तीन बजे थे। अनन्या अभी-अभी अपना लैपटॉप बंद करके उठी ही थी कि डोरबेल बजी। उसने घड़ी देखी और एक गहरी साँस ली। वह जानती थी कि इस समय कौन हो सकता है। यह समय उसकी सासू माँ, निर्मला जी की बचपन की सहेली और कॉलोनी की ‘खबर-नवीश’ सरला चाची के आने का … Read more

सबसे बड़ा धन परिवार – बबीता झा

शंकर के घर में आज बहुत ही खुशी का माहौल था। आज उसकी छोटी बहन करुणा की शादी है। पूरा घर रिश्तेदारों से भरा हुआ है। सब यही बोल रहे थे कि शंकर ने करुणा के लिए बहुत ही अमीर घर का लड़का ढूंढा है। शंकर मन ही मन बहुत खुश हो रहा था। शंकर … Read more

बेवकूफ बहन – शुभ्रा बैनर्जी 

मां के असमय गुजर जाने के बाद,सबसे छोटी पायल वास्तव में अनाथ हो गई।बड़ा सा घर था पुश्तैनी।बचपन में बिजली और पानी की समुचित सुविधा नहीं थी।घर की छोटी होने के कारण, हैंडपंप से पानी उसे ही लाना पड़ता था।मिक्सी नहीं था तो, सिलबट्टे पर मसाला पीसना भी उसी के जिम्मे आता था।खाने की शौकीन … Read more

आप तो घर की नौकरानी हो चाची – स्वाती जैन

सौम्या , यह क्या तुम तो आराम से यहां बैठकर खाना खा रही हो , रात में मेरे बेटे अंशु ने गाजर का हलवा बनाने कहा था , तुमने अभी तक हलवा नहीं बनाया ! जेठानी रीटा अपनी देवरानी सौम्या से बोली ! सौम्या घबराहट से बोली – बस दीदी , अभी बना देती हुं … Read more

सबसे बड़ा धन परिवार। – मधु वशिष्ठ

————– “प्रिया और विकास”, अभी छह महीने पहले ही तो दोनों की शादी हुई है।  प्रिया की मां की मृत्यु बचपन में ही हो गई थी पिता के दूसरी शादी करने के कारण दसवीं  के बाद की सारी पढ़ाई उसने हॉस्टल में रहकर ही करी थी। अत्यंत आत्मविश्वासी और स्वावलंबी   प्रिया ने नौकरी भी  … Read more

दोस्त या दुश्मन – एम. पी. सिंह 

लबान गाँव के संपन्न किसान गोबरी लाल के दो बेटे थे, मोडू लाल और लटूर लाल. कहने को तो वो दोनों सके भाई थे, पर उनका रिस्ता दोस्तों जैसा था, क्योंकि उम्र में ज्यादा अंतर नहीं था. स्कूल में अगर किसी एक को कोई कुछ बोल देता, तो दूसरा उससे लड़ने लगता. दोनों एक दूसरे … Read more

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