सर्वगुण संपन्न भाभी – हेमलता गुप्ता

क्लास ख़त्म होते ही कॉलेज की घंटी बजी तो सब लड़कियाँ अपने-अपने ग्रुप में फुसफुसाते हुए बाहर निकलने लगीं। कैम्पस के बीचोंबीच लगे पुराने पीपल के पेड़ के नीचे रिया अपनी दो सहेलियों—साक्षी और मान्या—के साथ खड़ी थी। तीनों के हाथ में किताबें थीं, पर बात किसी और ही विषय पर चल रही थी। “अच्छा … Read more

परवरिश – सविता गोयल

“हैलो दीदी, कैसी हैं आप?ओह, मैं भी क्या पूछ रही हूँ — आपके तो मजे हैं, अब नई बहू रानी से खूब सेवा करवा रही होंगी!”वंदना ने चहकते हुए अपनी ननद कुसुम से फोन पर पूछा। “हम ठीक हैं,” — कुसुम के मुंह से इतनी ठंडी प्रतिक्रिया सुनकर वंदना को बहुत आश्चर्य हुआ।अभी छह महीने … Read more

थोड़ा समय मुझे भी चाहिए – मुकेश पटेल

“बस, अब और नहीं, निखिल… आज तो मुझे बोलने दो,”सिया ने बरामदे में कपड़े फैलाते-फैलाते अचानक बाल्टी ज़मीन पर रख दी। उसकी आवाज़ में रोना भी था और थकान भी। निखिल ने अख़बार से सिर उठाया, चश्मा थोड़ा नीचे खिसका,“क्या हुआ फिर से? सुबह-सुबह तने हुए चेहरे का मतलब है, कुछ ना कुछ शुरू होने … Read more

बूढ़ेे पिता की पेंशन पर कैसा अधिकार – अमिता कुचया

जया सुबह- सुबह ससुर रामचरन जी को किचन में देखकर बोली -बाबू जी मुझे अभी टिफिन बनाना है, आप बाद में गरम पानी करना। वे बोले अच्छा बेटा तू अपने बाथरूम से ही गरम पानी लाकर दे दे। तब जया बोली- बाबू जी अभी बच्चों और आपके बेटे को गरम पानी चाहिए है ,आप को … Read more

हमें बस, आपका आशीर्वाद चाहिए। – लक्ष्मी त्यागी

बरसों पुरानी हवेली के आँगन में शाम की धूप, तिरछी होकर बिखर रही थी। पीली मद्धम रोशनी दीवारों पर पड़ते हुए घर की पुरानी खुशबू को फिर से जगा रही थी—अचार की महक, माँ के हाथों की चाय, और पापा की हँसी, जो अब घर में कम ही गूंजती थी। नीम का वह पुराना पेड़, … Read more

मैंने जिसे हीरा समझा वह तो नालायक निकला !! – स्वाती जैंन

तुम लोग उधार के पैसे से मुझे सेव और पपीता जैसे फल खिला रहे हो , फल खरीदने तक के पैसे नहीं हैं तुम्हारे पास ?? मैं तो कहती हुं अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा तुम्हारे पति मोहित को समझाओ कि उसके छोटे भाई रोहित से पैसे मांग ले , क्या जरूरत थी जलन के … Read more

बस हमें आपका आशीर्वाद चाहिए.. – विधि जैन

देवी बहुत सुलझी हुई सुंदर और सुशील ग्रहणी थी देवी के मां-बाप बचपन में ही गुजर गए थे अपने मां के पास रहती थी मामा ने अच्छा लड़का देखकर जल्दी ही शादी कर दी थी।  जब ससुराल गई तो ससुराल में धीरे-धीरे काम करती थी..  बहु जल्दी से नाश्ता बनाकर लेकर आ जाओ ..देवी ने … Read more

अनोखा बंटवारा – अर्चना खण्डेलवाल

रितु आज मॉं और बाबूजी आ रहे हैं, उनकी पसंद का खाना बनाकर रख लेना, तीन बजे तक वो स्टेशन पहुंचेंगे, मैं तो ऑफिस में रहूंगा, तुम कैब से जाकर उन्हें ले आना। अरे! वो कोई छोटे बच्चे हैं, जो स्वयं नहीं आ सकते हैं, मैं उस वक्त बंटी को लेने जाऊंगी या उनको, रितु … Read more

असली इरादा – moral story

कॉलेज की आख़िरी सालाना समारोह में जब मंच पर पूरे बैच के सामने टॉपर का नाम पुकारा गया, तो ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा। “काव्या सिंह!” हल्के नीले रंग का सलवार सूट पहने काव्या ने घबराई-सी मुस्कान के साथ स्टेज पर कदम रखा। छोटे से कस्बे की यह लड़की महानगर की नामी प्राइवेट यूनिवर्सिटी से … Read more

हमें बस आपका आशीर्वाद चाहिए – करुणा मलिक 

अनु… माँ नहीं मानेंगी, पूरा घंटा हो गया यहाँ खड़े-खड़े । बस चलो … अब मैं तुम्हारी एक नहीं सुनूँगा ।  बस एक आख़िरी कोशिश…. मैं यहीं रूकती हूँ तुम अंदर जाकर माँ से मिलकर आओ । क्या पता , तुम्हें देखकर उनका ग़ुस्सा शांत हो जाए , प्लीज़ मना मत करना । साहिल जानता … Read more

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