बुढ़ापा तो सबको आता है – बिमला रावत जड़धारी

जब मैं छोटा था तो हर गर्मियों की छुट्टियों में अपने पिताजी के साथ गाॅंव जाता था। कभी-कभी किसी गर्मियों की छुट्टी में मम्मी भी जाया करती थी। मम्मी को गाॅंव बिल्कुल भी पसंद नहीं था। बस वह पिताजी का मन रखने के लिए चली जाती थी। पिताजी पूरे साल ऑफिस से छुट्टी नहीं लेते … Read more

पहला प्यार – एम. पी. सिंह

स्कूल की पढ़ाई पूरी कर कॉलेज में एडमिशन लिया. कॉलेज का पहला दिन, नये साथी, नये टीचर, नये चेहरे, नई जगह बस शहर वहीं पुराना. इन नये चेहरों में एक चेहरा ऐसा भी था जो मेरे सपनो की राजकुमारी से मिलता था. मेरे दिल ने अपनी राजकुमारी के चहरे क़ो पहचान लिया और उसके पीछे … Read more

बुढ़ापा तो सभी को आता है। – मधु वशिष्ठ

बुढ़ापा तो सभी को आता है परंतु बुढ़ापे में जीना कैसे हैं वह सब को नहीं आता।  आन्टी जी पड़ोस के घर में ही रहती थीं। ८० साल की उम्र में भी उन्होंने कोई काम वाली नहीं रखी थी। उनके बेटे और बेटी दोनों अमेरिका में रहते थे। आंटी और अंकल दोनों काॅलेज मैप प्रोफेसर … Read more

बुढ़ापा – खुशी

आज घर में पकवानों की खुशबू बिखरी हुई थी।गुजिया, भल्ले,पूरी छोले तरह तरह की मिठाई और भी जाने क्या क्या। रामप्रसाद जी ने अपनी पत्नी सुनीता को उठाते हुए कहा अरे सुनीता जी आज क्या है घर में पकवानों की खुशबू उड़ रही है।पता नहीं जी अभी सुशीला आएगी तो बताएगी। कब आएगी सुशीला आज … Read more

*बुढ़ापा तो सबका आता है* – तोषिका

हमें खेद है ये बोलते हुए लेकिन सीमा अब नहीं रही है, आप सारी औपचारिकता पूरी करके इनके शरीर को यहां से ले जा सकते है, ऐसा कह कर डॉक्टर वहां से चले गए पर रोहन बस वही का वही खड़ा रह गया। उसको यकीन ही नहीं हो रहा था कि उसकी पत्नी, उसकी जीवनसाथी … Read more

बुढ़ापा तो सबका आता है। – दीपा माथुर

दादा जी आप रोज रोज ये गीता सत्र क्यों देखते हो? डोरेमॉन आपको पसंद नहीं है क्या? दादा जी शुभ की इस मासूमियत पर खिलखिला दिए बोले ” देख तो सकता हु पर सिर्फ आपके साथ ही आप दिखाते ही नहीं हो? शुभ ने एक बात गर्दन नीचे झुकाई ओर तुरंत शरारती ढंग से दादा … Read more

लालची और जिद्दी पत्नी का घमंड तोड़ा पति ने ! – स्वाती जैन

आनंद जैसे ही घर में आया अपने माता- पिता को नाराज सोफे पर बैठे देख समझ गया आज वापस उसकी पत्नी रीना ने घर में जरूर कुछ हंगामा किया होगा , दूसरी तरफ उसकी पत्नी रीना खड़ी थी जिसका गुस्सा सांतवे आसमान पर था ! उसने आनंद को चाय पानी भी नहीं पूछा , रसोई … Read more

बुढ़ापे का अकेलापन – अमिता कुचया

आज जज साहब अनोखा केस पढ़कर अपने केबिन में बाप बेटे को बुलाते है…. गोपाल लाल जी और उनका बेटा सुरेश जज के पास दलील दे रहे थे। तभी वो दोनों से पूछते है आप लोग एकदूसरे को जानते है? तो हां… सुरेश बोलता है मेरे बाबू जी… और गोपाल लाल जी भी कहते ये … Read more

अपने और पराए, वक्त ने बतलाए। – परमा दत्त झा

मां के आपरेशन के लिए पैसे का इंतजाम हो गया है -रानी अपने पति राजेश को कह रही थी। कहां से ,किसने दिया इतने पैसे -राजेश अकचकाते हुए पूछा था। अरे मेरे हरि काका ने -रानी सिर झुकाए बोली। अभी मामले की नजाकत को देखते हुए दस लाख उस पेपर वाले हरि काका ने जमा … Read more

मकान बना घर – गीता वाधवानी

 मायरा ने खीर की कटोरी दादी के हाथ में देते हुए कहा “-यह लो दादी जल्दी से खा लो ज्यादा गम नहीं है और कटोरी वापस मुझे दे दो।”   दादी ने जल्दी से कटोरी मुंह से लगाकर खीर खाली और मायरा को आंसू भरी आंखों से आशीर्वाद देने लगी।   मायरा कटोरी ले जाकर रसोई में … Read more

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