अनकहा दर्द – बीना शुक्ला अवस्थी : Moral Stories in Hindi

********** पार्थिव की कम्पनी में इंटरव्यू चल रहे थे। अचानक कमरे में एक सुरीली आवाज गूॅज गई – ” मे आई कम इन सर।” ” यस।” चयनकर्ताओं की टीम में से एक ने कहा। पार्थिव को लगा कि यह स्वर तो बहुत जाना पहचाना है और जब उसने सामने देखा तो अवाक रह गया। यहॉ … Read more

“अनकहा दर्द” – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

मानसी तकिये में सर छुपा कर फूट फूट कर रोने लगी। रोने के सिवाय कर भी क्या सकती थी उसके पास कोई और चारा भी नहीं था।? रोहन कह रहा था।मम्मी आपके बिना मुझे कुछ अच्छा नहीं लगता कल आप चली जाओगी, बोलो ना फिरकब आओगी, मेरा यहां बिल्कुल मन नहीं लगताऔर वह कहते कहते … Read more

स्वप्नों के ताने बाने – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

आज मां से सारी बात साफ साफ कह दूंगा ।कह दूंगा मैंने पढ़ाई अच्छे से नहीं की।कह दूंगा कि पिछले सेमेस्टर में दो पेपर में मेरा बैक लग गया है।कह दूंगा कि आप लोग जो रुपए मेरी एक्स्ट्रा कोचिंग की फीस के लिए भेजते थे उन रुपयों से मै दोस्तों के साथ पार्टी करता था… … Read more

कुछ गुनाहों का प्रायश्चित नहीं होता – ममता सिंह : Moral Stories in Hindi

घड़ी की सूइयाँ रात के तीन बजा रही थीं। बाहर घना अंधेरा था और अंदर उतनी ही गहरी ख़ामोशी थी। राजन की आँखों में नींद का नामोनिशान नहीं था। वह कुर्सी पर बैठा सामने रखी शराब की बोतल को घूर रहा था। हर घूंट के साथ एक चेहरा उसकी आँखों के सामने आता— एक खूबसूरत … Read more

बट्टा लगना – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

रुचि सावले रंग की बहुत समझदार लड़की थी। अपने साथ काम करने वाले रमन से उसको प्यार हो गया था । रमन बहुत ही गोरा और सुंदर था। रमन, और उसके परिवार वाले ,रुचि की  पोस्ट और पैसों को देख उन दोनों की  शादी के लिए तैयार हो गए। दोनो की शादी अच्छे से हो … Read more

मैं ऐसी क्यों हूं? – मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

“कब तक चुप रहूं “क्या मुझे बोलना चाहिए•••? पिछले 10 सालों से मेरी जुबान बोलने से लड़खारती रही•• ना मैंने अपना दर्द  किसी को बताया और ना ही कभी किसी ने मुझसे पूछा•••! २२ साल की काव्या उदास सी कमरे में  चहल कदमी रही थी।  #अनकहा दर्द उसके चेहरे पर साफ झलक रहा था।  बड़ी … Read more

अपवित्र कौन ? – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

” हेलो सौरभ और तान्या इनसे मिलिए मेरी वाइफ चेताली !” ऑफिस की पार्टी मे सौरभ के साथ काम करने वाले उसके दोस्त रोहन ने अपनी पत्नी से परिचय करवाया। तान्या ने चेताली को गले लगा लिया। ” हेलो भाभी आपसे मिलकर अच्छा लगा !” सौरभ चेताली से बोला।  सब लोग पार्टी मे एन्जॉय कर … Read more

माधवी लौट आओ – विनय मोहन शर्मा : Moral Stories in Hindi

परेश और माधवी दोनों एक  ही दफ्तर में काम करते थे। परेश माधवी से सीनियर था। उन दोनों में नजदीकियां बढ़ने लगी थी और ये नजदीकियां अब प्यार में कब बदल चुकी थी, इसका उनको पता ही नहीं चल पाया। दोनों के परिवारों की सहमति से उन्हें विवाह के पवित्र बंधन में बांध दिया गया। … Read more

नई रोशनी – सुनीता माथुर : Moral Stories in Hindi

तेजस्विनी हमेशा खुश रहती थी और कोशिश करती थी सभी उसकी बातों से खुश रहें लेकिन “जो दर्द उसने अपने अंदर छुपा रखा था वह किसी से नहीं कह पाती थी”  इस “अन कहे दर्द” को कुछ लोग भांप भी लेते थे बोलते थे क्या बात है आप इतनी खुश तो दिखती हैं, पर—– कहीं … Read more

प्रायश्चित – मधु वशिष्ठ : Moral Stories in Hindi

इतने बड़े वर्मा निवास के पीछे वाले कमरे में राजेश जी उपेक्षित से अपने बिस्तर पर अकेले ही लेटे हुए थे। डॉक्टरी रिपोर्ट के अनुसार अब उनको डायलिसिस के लिए प्रत्येक  15 दिन में जाना पड़ेगा। रोज सुबह एक अटेंडेंट उनको नित्यकर्म से निवृत करवाकर रात के लिए डायपर बांधकर चला जाता था। आज जब … Read more

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