खोखले घर – रमा शुक्ला
“अरे ओ महारानी! अभी तक बिस्तर में ही है? सूरज सिर पर आ गया है और इसे देखो, कुंभकरण की औलाद अभी तक सो रही है।” बगल के कमरे से मामीजी की तीखी आवाज़ ने मीरा की नींद को एक झटके में तोड़ दिया। मीरा हड़बड़ा कर उठी। उसने जल्दी से अपनी पुरानी शॉल लपेटी … Read more