बेटा क्यों हमारी नाक कटवाने पर तुला है – मुकेश पटेल
दिवाकर बाबू अपने ड्राइंग रूम में बेचैनी से टहल रहे थे। उनके माथे पर पसीने की बारीक बूंदें थीं, जबकि कमरे का एसी पूरी ठंडक दे रहा था। सोफे के एक कोने में उनकी पत्नी, सुमति जी, सिर पकड़े बैठी थीं। घर में एक अजीब-सा भारीपन था, जैसा अक्सर तूफ़ान आने से पहले होता है। … Read more