मैं असहाय नहीं हूं.. – आराधना श्रीवास्तव
चटाक की आवाज के साथ कान सुन्न हो गए, रवीना अपलक सिद्धार्थ को देखती रह गई थोड़ी देर तक उनकी उसकी समझ में कुछ नहीं आ रहा था सिद्धार्थ ने आखिर तमाचा क्यों मारा। वह तो सिद्धार्थ के इशारे की कठपुतली है जब चाहा जैसा चाहा वैसा घुमाया आज तक केवल उसकी जरूरत के बारे … Read more