असहाय नहीं हूं मैं…- बबिता झा
आज सुबह उठने में देर हो गई बगल में देखा तो यह भी बिस्तर पर नहीं थे आज तो रविवार है फिर आज यह सवेरे कैसे उठ गये ,मैं भी उठकर बालकनी में चली गई ,तभी मेरे हाथों में चाय थमाते हुए बोले गुड मॉर्निंग, मैं भी चाय की प्याली हाथ में ले मुस्कुराने लगी … Read more