ज़हर बुझे – रवीन्द्र कांत त्यागी

नहीं, ये कहानी नहीं है. कहानी तो बिलकुल नहीं है. साहित्य वाहित्य का भी इस से कुछ लेना देना नहीं. इंसान के भीतर, जन्म से लेकर उम्र भर तक जो ग्रंथियां बनती बिगड़ती रहती हैं, जिनमे से कई अनसुलझी गुंन्थियाँ बन जाती हैं और उन पर जीवन भर एक बड़ा वाला अलीगढ़ का ताला पड़ा … Read more

अपने अपने पैमाने – रवीन्द्र कान्त त्यागी

बात कुछ बारह या तेरह वर्ष पुरानी है। मेरे एक रिश्तेदार ने अपनी मेधावी बेटी का रिश्ता दिल्ली में रहने वाले एक अच्छी जॉब और सम्पन्न घराने के लड़के से तय किया था। लड़का और लड़की दोनों एक दूसरे के बिलकुल अनुकूल थे और परिवार के लोग भी इस रिश्ते से बहुत खुश दिखाई दे … Read more

संयम जरूरी है

सुबह के सात बजे होगें, शनिवार की सुबह, नीरजा चाय बनाने के लिए रसोई में गई ही थी कि मोबाईल बज उठा, देखा तो मिनी का फोन था, मिनी यानि की नीरजा और लोकेश की लाडली बेटी। इतनी सुबह फोन और वो भी शनिवार को, मिनी तो छुट्टी वाले दिन दस बजे से पहले बिस्तर … Read more

रिटायरमेंट – सीमा सिंघी

जब से आरती जी का रिटायरमेंट हुआ है। तब से घर वालों की नजरे उन्हें कुछ अलग अलग सी लग रही थी, फिर भी उन्होंने ज्यादा गौर नहीं किया और वे मन ही मन सोचने लगी।  शायद यह मेरा भरम हो सकता है और बागवानी करने में व्यस्त हो गई। ऐसे भी हमेशा से उन्हें … Read more

रिटायरमेंट औरतों के नसीब में कहां? – रोनिता कुंडू

सोनाली! मम्मी पापा! आज तीर्थ से लौट रहे हैं, तो खाना जल्दी बना लेना, ताकि वह आकर नहा धोकर खाना खाकर, आराम कर सके। मयंक ने अपनी पत्नी सोनाली से कहा.. सोनाली:  तीर्थ से ही लौट रहे हैं ना? कोई जंग जीत कर नहीं? आप तो ऐसे बोल रहे हैं, जैसे मैं तो पूरे दिन … Read more

रिश्ते अहंकार से नहीं, त्याग और माफ़ी से टिकते हैं – संध्या सिन्हा

क्या कहा आपने…।  चिंटू की शादी में चाचा के घर जाना है… आप भूल गई माँ… ये वही  चिंटू है… जिसे आप अपना छोटा बेटा मानती थी और ये वही चाचा है जो… उस एक्सीडेंट में दीदी के ससुर से पैसे माँग रहे थे…कि… अनु आपकी भी कुछ लगती है!” “ जाने दो बेटा… ये … Read more

“रिटायरमेंट या ज़िन्दगी की दूसरी पारी” – कुमुद मोहन

काॅलबेल बजी, देखा एक 10-12साल का लड़का कैरी बैग लिए खड़ा था,” क्या काम है ?”  सीमा ने पूछा, वो कोने वाली कोठी से आंटी ने भेजा है,खोला तो देखा थोड़ा सा ताजा पालक,मेथी, चार छः टमाटर, हरी धनिया और,एक टुकड़ा कद्दू, करौंदे,नींबू ?इतनी ताज़ी सब्जियां देख कर उसे मज़ा आ गया। सीमा और अतुल … Read more

कर्मों का फल – रीतू गुप्ता

सविता जी को 5 दिन बाद आज अस्पताल से छुट्टी मिल रही थी।  जब से  डॉ. छुट्टी का बोल कर गए है तब से वो बहुत उत्साहित थी घर जाने को।  पति सोमेश से कितने दिनों बाद मिलेगी … पोते ऋशव और पोती दिया से खूब बाते करेगी। सविता जी के चेहरे पे आज अलग … Read more

रिटायरमेंट – लक्ष्मी त्यागी

शाम का समय था ,चमनलाल जी ,के लिए फोन आया ,उन्होंने फोन उठाया ,दूसरी तरफ से उनके मित्र केशव लाल जी का फोन था, उलाहना देते हुए बोले -अरे यार! क्या कर रहे हो ?अभी तक यहाँ नहीं पहुंचे।  आ रहा हूँ ,कहते हुए उन्होंने तुरंत फोन रखा और बच्चों से बोले -जो कार्य मैंने … Read more

रिश्ते,अहकार से नहीं , त्याग और माफी से टिकते हैं। – लक्ष्मी त्यागी

रोहित ,आज बहुत गुस्से में था, उसे अपना बहुत ही अपमान लग रहा था। घर आते ही उसने, अपना सामान पटका, और चिल्लाते हुए बोला -अब मैं यह सब बर्दाश्त नहीं करूंगा,बर्दाश्त करने की भी हद होती है।   उसकी पत्नी नीता, कमरे में आई और उसने पूछा -क्या हुआ ? गुस्से से रोहित बोला -जब … Read more

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