बहू नहीं बेटी हो हमारी-मुकेश कुमार
सिमरन कॉमर्स से ग्रेजुएट थी, वह एक कंपनी में अकाउंटेंट की जॉब भी करती थी। वह एक खुले विचार की लड़की थी। पुरानी मान्यताओं और कुप्रथाओं का हमेशा विरोध करती थी। उसकी नजर में लड़का और लड़की दोनों में कोई अंतर नहीं था। शारीरिक रूप से भले ही लड़का और लड़की दोनों अलग-अलग हैं लेकिन … Read more