क़ाबिल – नीलम सौरभ
वह दम्पत्ति डॉ. शैलजा से अब मिन्नतें करने लगा था, “डाक्टरनी जी! बहुत खरच करके पता लगवा पाये हैं जी, कि एहू बार लड़की होवे वाली है!” पति ने अपनी हथेलियाँ आपस में रगड़ते हुए कहा तो उसकी पत्नी ने आगे जोड़ा, “पहिले से ही एक लड़की है हम लोगन की….गरीब लोग हैं जी!” “तो?” … Read more