सन्यासी – मुकुंद लाल
गर्मी का मौसम था। स्कूल मार्निंग हो गया था। वसुधा सुबह उठकर सबसे पहले उसने अपने दैनिक कार्यों को निपटाया, फिर अपने पुत्र आलोक, पुत्री रितु, दोनों को दुलारे-पुचकारते हुए उठाया। दोनों उठकर दैनिक क्रिया-कर्म में लग गए। उससे फारिग होकर स्कूल जाने की तैयारी में जुट गये। वसुधा ने भी फुर्ती से चाय-नास्ता तैयार … Read more