मर्यादा क्या सिर्फ स्त्री की – ऋतु अग्रवाल
“शोभित! क्या बात है? तबीयत तो ठीक है ना तुम्हारी। तुम तीन दिनों से ऑफिस भी नहीं जा रहे। चलो, डॉक्टर को दिखा लेते हैं।” मुग्धा ने शोभित के माथे को छूते हुए कहा। “नहीं! नहीं! मैं ठीक हूँ। तबीयत ठीक है मेरी, बस मन सा नहीं कर रहा कहीं जाने का।” शोभित अन्यमनस्क सा … Read more