* पवित्र भावना का प्रतिफल * – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

नन्हीं सुरेखा  के मन में यह प्रश्न उठता था कि,  “राधा माँ उसमें और सुमन में भेदभाव क्यों करती है? मेरी माँ मुझे छोड़कर भगवान के घर चली गई उसमें मेरा तो कोई दोष नहीं है।” सुरेश जी ने दूसरी शादी की तो सुरेखा को लगा कि उसे माँ मिल जाएगी। सुरेखा ने अपनी माँ … Read more

मैं बहू के रंग में रंग गई – के कामेश्वरी  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : राजन अपनी पत्नी सुलोचना और दो बेटों के साथ चेन्नई में रहते थे । अपनी नौकरी की व्यस्तता के कारण घर की ज़िम्मेदारियों पर ध्यान नहीं दिया करते थे । सुलोचना ने ही शुरू से घर बच्चों और परिवार की घर की ज़िम्मेदारी निभाती रही हाँ इस बात के लिए … Read more

मेरी भी तो माँ थी – विनय कुमार मिश्रा : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : माँ को इस दुनिया से गये आज बीस दिन हो आये हैं। मगर ऐसा एक पल नहीं गुजरा कि उनकी याद ना आई हो। कहने को इस घर में अब दो लोग हैं। मेरे अलावा मेरी एक छोटी बहन।पर उसका होना ना होना एक ही बराबर है। दिखने में माँ … Read more

जीना इसी का नाम है – गरिमा जैन : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : अकेलापन,  शायद यही एक ऐसा एहसास था जो मुझे एक  डरावने सपने जैसा लगता और कहते हैं ना कि किस्मत आपके डर को आपके सामने खड़ा कर देती है वही मेरे साथ हुआ। जीवन के साठ मील चलने के बाद यह अकेलापन मुझ पर जोरों से हंसने लगा । मैं … Read more

ये बहुएं ही घर आंगन की बेटियां हैं – मंजू तिवारी : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  :अम्मा बाबा का पांच बहूओ बेटा नाती पोतों से भरा हुआ परिवार था कभी भी घर में  बहुओ के मायके तथा दहेज के लिए अम्मा ने कभी भी ताने नहीं दिए थे  एक बेटी थी जिसकी बहुत पहले शादी हो गई थी बच्चे भी अपनी बुआ से बहुत प्यार करते ,,,जब … Read more

आखिरी ख्वाहिश! –  नवल किशोर सोनी : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : संजू दो भाइयों में अपने घर की सबसे लाडली बहिन थी। पिता की मृत्यु के बाद दोनों भाइयों ने मिलकर शानदार तरीके से उसको घर से विदा किया था। अब मां की देखभाल की सारी जिम्मेदारी दोनों भाइयों और बहुओं पर आ गई थी। मां ने एक दिन दोनों बेटों … Read more

खुली आँखों के ख्वाब – ऋतु अग्रवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : अक्सर नीता अपने सतरंगी ख्वाबों में डूब जाती और डूबती भी क्यों नहीं? आखिर वह पंद्रह बरस की युवा होती मध्यमवर्गीय लड़की थी। मध्यमवर्ग जहाँ, अच्छा भोजन, आम कपड़े, छोटा सा घर, संतुलित प्यार भरे रिश्ते नाते,कुछ अधूरी इच्छाएँ,परिवार और समाज का दबाव, बच्चों में कुछ बड़ा करने की ललक … Read more

ख्वाब जो बिखर गये – मंगला श्रीवास्तव : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : अरे जीतू रीना क्या कर रहे हो भाई जल्दी करो तुम्हारी फ़्लाइट का समय हो गया है दो बजे तक एयरपोर्ट पहुँचना है ,यह कहकर वह खुद भी तैयार हो गई थी उनको छोड़ने जाने के लिए। उनके पति रमेशचंद्र उनकी फुर्ती देख हैरान थे ।क्योंकि शीलाजी के घुटनो में … Read more

 वहशी दरिंदा कहूँ या पति परमेश्वर – डॉ उर्मिला शर्मा : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : “मां! मिहिर को कुछ बहाना करके मना कर दो न कि अभी आपलोग हमें नहीं भेज सकते। मुझे नहीं जाना है अभी।” “क्यों बेटा! बोल न क्यों नहीं जाना। पिछले बार भी तुम ससुराल से आयी थी तो ऐसे ही बोल रही थी। जबकि आजकल की लड़कियां ऐसा कहां बोलती … Read more

माँ की चिंता – नेहा : Short Moral stories in hindi

Short Moral stories in hindi  : आप मां का ख्याल रखना घर में तो कोई नही है इनका ध्यान रखने के लिए मैं और प्रिया जो ऑफिस चले जाते हैं कभी कभी मिलने आते रहेंगे राघव ने वृद्ध आश्रम की महिला कर्मचारी से कहा……… उसका नाम था सुधा…….. राघव से सुधा ने कहा आप टेंशन … Read more

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