*जिंदगी की दूसरी पारी* – तोषिका

कमाल है, आप इतनी मशहूर है, फिर भी कितने सभ्य तरीके से बात करती है और इतनी ज्यादा उम्र में आपने लंच सर्विस जैसा कारोबार शुरू किया और कुछ सालों में इतना बड़ा किया ये बहुत ही काबिल्य तारीफ है।

हस्ते हुए एक रिपोर्टर ने राशि को बोला। राशि हल्का सा मुस्कुराई और बोली “इस तारीफ का हकदार मैं नहीं मेरा बेटा मोहित है। मैं आज जो कुछ भी हू, उसकी वजह से हूं।

रिपोर्टर ये सुन कर राशि की कहानी जान ने में और उत्सुक हो गई और उसने पूछा “क्या आप अपना सफर हम सब के साथ बांट सकती है, क्योंकि आप कई लोगों के लिए मिसाल है।”

हां जरूर, ये कहानी बहुत लंबी, पर आप लोगों का मैं ज्यादा समय नहीं लूंगी। राशि ने गर्व से कहा और उन यादों की गलियों से जाती हुई उन दिनों आ गई यहां उसने कभी नहीं सोचा था कि वो इतने बड़े मुकाम तक आ सकती है।

*कुछ साल पहले*

“क्या मां तुम भी सारा दिन इस घर के कमरे में रहती हो, थोड़ा तो बाहर निकलो, अभी जिंदगी कितनी पड़ी है।” प्यार से ८वी कक्षा में पढ़ने वाला राशि का बेटा मोहित बोला।

राशि ने बोला “बेटा, मेरे में अब हिम्मत नहीं है, मुझसे कुछ नहीं होता।”

सब होगा मां तुम कोशिश तो करो, तुम जैसे पहले जॉब पर जाती थी, वो नहीं कर सकती दुबारा तो फिर कुछ और करो मां, जिसको करके तुम्हे खुशी मिले और आनंद भी आए। अपनी मां को हिम्मत देते हुए मोहित बोला।

पर..पर.. बेटा..

कुछ नहीं पर वर मा, जो भी तुम फैसला लोगी, मैं हमेशा तुम्हारे साथ हू, *जिंदगी ने तुम्हे दूसरी पारी* दी है उसका भरपूर लाभ उठाओ।

ये बोल कर मोहित अपने ट्यूशन चला गया।

राशि के बहुत गंभीर हादसे से बाहर आई थी, उसका कार से एक्सीडेंट हो गया था, जिसके चलते वो १ साल कोमा में रही, जब उसको होश आया तो उसके आस पास का सब बदल चुका था। उसके जीने की चाह चली गई थी। वो बस जिंदा थी तो अपने बेटे मोहित के चेहरे पर खुशी देखने के लिए।

जब मोहित ने उसको हौसला दिया तो उसने काफी दिमाग लगाने के बाद और मोहित के साथ उसने अपना खुद का लंच सर्विस वाला कारोबार शुरू किया।

राशि के हाथ में जादू था, पर शुरू शुरू में दिक्कत आई लेकिन फिर भी मोहित ने उसका साथ कभी नहीं छोड़ा, हमेशा प्रोत्साहित किया और आगे बढ़ते रहने की हिम्मत दी।

धीरे धीरे राशि के कस्टमर बड़े और उसने अपनी कंपनी का नाम अपने बेटे मोहित पर रखा।

उन यादों की गलियों से वापिस आई।

राशि ने फिर बोला “आज मेरा बेटा कॉलेज में है, और अपनी पढ़ाई के साथ साथ मेरा और कारोबार का भी ध्यान रख वाता है।”

रिपोर्टर की आँखें भर आई और वो बोली “सही में राशि जी आपकी कहानी तो हर घर में सुननी और सुनानी चाहिए”।

धन्यवाद तो मुझे कहना चाहिए आपका, कि आपने अपना मंच दिया, ताकि मैं अपनी कहानी सुन सकू और साथ ही में और लोगों को भी प्रेरित कर सकूं। हाथ जोड़ते हुए राशि बोली।

#इससे हमें पता चलता है, जिंदगी हमें हमेशा अच्छे मोड़ की तरफ ही लेके जायेगी, अगर हमारा मन सच्चा हो और विश्वास पक्का हो।

लेखिका

तोषिका

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