भगवती सिल्क एंपोरियम एंड बुटीक आज भी बंद थी। अक्सर अब भगवती को दुकान के बाहर , या कोर्ट के बाहर विक्षिप्तावस्था में गालियां बकते या रोते हुए देखा जा सकता है।
मार्केट के बीचो बीच खड़ी यह दो मंजिल बड़ी दुकान ऐसे ही नहीं बनी। इस इलाके की लगभग सभी दुल्हनों ने अपनी शादी का लहंगा भगवती की दुकान से ही लिया होगा। बेहद खास था भगवती का बुटीक, लेकिन अब हफ्तों तो दुकान नहीं खुलती बुटीक तो लगभग बंद ही समझो।
पिता की बीमारी के बाद घर और दो बहनों की जिम्मेवारी भगवती पर 15 साल की उम्र में ही आ गई थी और उसने उसे बखूबी निभाया भी। जाने कहां से वह सस्ते कपड़े लाता था और छोटी सी मेज पर रख कर बेहद कम दाम में लगभग सारे लेडीस के सूट के कपड़े और सूट शाम तक बेचकर चला जाता था।
धीरे धीरे उसने सिलाई सीखकर उन कपड़ों को कम दाम में सिलना भी शुरू कर दिया था। ऐसा सब करने के बाद 29 साल की उम्र तक आते आते उसने क्रम से अपनी मेज को खोखे, दुकान और फिर शानदार एंपोरियम एंड बुटीक में परिवर्तित कर दिया था।
गजब का मिलनसार व्यक्तित्व। सामान बेचने का हुनर ऐसा कि कोई खाली हाथ दुकान से जा न सके। जितनी उसकी दुकान लड़कियों में प्रसिद्ध थी उतना ही उसका व्यक्तित्व भी।
कामयाबी इंसान को अंधा कर देती है किसी ने ऐसे ही तो नहीं कहा। जी हां वह भी एक दिन एक सुंदरी शीना के जाल में ऐसा फंसा की सारी दीन दुनिया का होश ही खो बैठा।
कुछ दिन बाद पता पड़ा कि भगवती ने कोर्ट में शादी कर ली है। उसकी पत्नी किसी मॉडल से कम न थी। भगवती ने अपना घर भी काफी अच्छा बनवा लिया था
दोनों बहनों की शादी हो गई थी और पिता की तबीयत में भी सुधार ही था। यहां तक तो सब बहुत अच्छा ही था ।पति पत्नी दोनों खुशी खुशी जब सिंगापुर से घूम के आए तो घर की काफी खिड़कियों के शीशे टूटे हुए थे और माता पिता डरे सहमे से एक तरफ बैठे हुए थे।
पूछने पर पता पड़ा कि भगवती ने जिस लड़की से शादी की है वह पहले से ही तलाकशुदा थी। उसका पति शायद किसी अपराध से संबंधित और जेल में था। शायद उसके लोग ही उसे शीना को छोड़ने के लिए धमकी देने आए थे।
अब शीना ने भी अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए थे। उसका कहना था क्योंकि अब वह भगवती की पत्नी है तो उसका उस घर और दुकान दोनों पर अधिकार है। अगर भगवती उसे तलाक भी देता है तो , तो भी उसको उसका जीवन गुजारने लायक पैसे तो देने ही होंगे।
काफी समझाना बुझाना भी चला और भगवती के साथियों ने एकत्रित होकर शीना पर इल्जाम भी लगाया कि उसने अपनी तलाकशुदा होने की बात भगवती से छुपाकर उसे धोखा दिया है। लेकिन यहां भी भगवती मार खा गया क्योंकि शादी कोर्ट में हुई थी और कोर्ट में शादी के फार्म में दोनों का मैरिटल स्टेटस भी लिखा जाता होगा
और शायद फॉर्म चेक करने पर शीना के मैरिटल स्टेटस के आगे तलाकशुदा ही लिखा पाया गया होगा। अतः शीना के अनुसार भगवती को पता था कि वह तलाकशुदा है और आज वह उसका पालन नहीं करना चाहता इसलिए झूठ बोल रहा है। यदि वह उसे तलाक देना चाहता है तो उसके जीवन यापन के लिए रकम उसे देनी ही होगी। फिर चाहे वह घर के रूप में हो या दुकान के।
यदा-कदा दुकान और घर में अवांछित तत्वों का आवागमन जारी था। भगवती परेशान था कि शादी करते समय क्या वह वास्तव में अंधा था कि उसका रंग ढंग समझ नहीं पाया और उसके साथ इतना बड़ा धोखा हो गया? विक्षिप्त अवस्था में कभी वह कभी कोर्ट के बाहर कभी घर में या दुकान पर गालियां बकता देखा जा सकता था।
गहने और नकदी लेकर शीना घर से जा चुकी है। घर जर्जर अवस्था में हो रहा है, दुकान अक्सर बंद ही रहती है। पिता की मृत्यु हो चुकी है और माताजी अक्सर डरी डरी ही रहती है। सुनने में ही आया है कि पिता ने परिस्थितियों को देखते हुए मकान और दुकान एक पारिवारिक ट्रस्ट में परिवर्तित कर दिए हैं
इसलिए अब कोई उसे बेच खरीद नहीं सकता। शीना और उसके गुंडो के करण यूं भी कोई उनके पारिवारिक मामलों में दखल देता नहीं है और शीना आज भी भगवती की पत्नी ही है हालांकि वह घर पर नहीं रहती।
पाठक गण उसका सब कुछ ठीक हो जाए इसी प्रार्थना के साथ आजकल अधिकतम संख्या में प्रेम में अंधे नौजवानों को सिर्फ एक ही संदेश मैं देना चाहूंगी कि कभी किसी के कहने पर आंख बंद करके विश्वास ना करें।
मधु वशिष्ठ फरीदाबाद हरियाणा